वर्ल्ड ल्यूपस डे 2019 : ल्यूपस के लक्षणों को कम करने के लिए 3 प्रभावी योगासन, आप भी नियमित करें अभ्यास
ताड़ासन ल्यूपस में होने वाले दर्द और इंफ्लेमेशन को भी कम करता है।
ल्यूपस जैसी घातर बीमारी से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव, हेल्दी ईटिंग हैबिट के साथ डेली रूटीन में योगासन को भी शामिल करना चाहिए। कई योग ऐसे हैं, जो ल्यूपस के लक्षणों, दर्द, इंफ्लेमेशन आदि को कम करते हैं। इस ऑटोइम्यून बीमारी से बचना चाहते हैं या इसके लक्षणों को कम करना चाहते हैं, तो जानें कौन से हैं वो तीन योगासन जिसका अभ्यास इस रोग से पीड़ित लोगों को हर दिन करना चाहिए।
विपरीत करणी मुद्रा
यह रक्त परिसंचरण में सुधार करने के लिए एक बेहतर मुद्रा है। ल्यूपस की समस्या जिन्हें है, उन्हें इस मुद्रा का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से आप ल्यूपस के लक्षणों को कम कर सकते हैं। सबसे पहले अपने पैरों को दीवार पर टिकाकर लेट जाएं। शरीर एल शेप में होनी चाहिए। इस आसन से एक ही समय में ब्लड फ्लो को रिवर्स करने और थके पैरों को आराम मिलता है।
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ताड़ासन
यदि आप तनाव में रहते हैं, तो भी ल्यूपस के होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में तनाव में रहने से बचें। यह आसान ल्यूपस में होने वाले दर्द और इंफ्लेमेशन को भी कम करता है। आज जिसे देखो तनाव से ग्रस्त है। तनाव मानसिक अशांति को बढ़ाता है। इससे शारीरिक नुकसान पहुंचता है। इन मानसिक और शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए आप ताड़ासन का अभ्यास करें। ताड़ासान एक स्ट्रेचिंग भी होता है। इसके अभ्यास से आपका शारीरिक और दिमाग दोनों ही स्वस्थ रह सकते हैं। ताड़ासन करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। एड़ियों को मिला लें। एड़ियां ऊपर उठाते हुए दोनों हाथ की हथेलियों को आसमान की ओर खींचें। पेट की मांसपेशियों को अंदर की तरफ ले जाएं। सांस रोक लें। धीरे-धीरे हाथ को वापस नीचे ले आएं। इसे नियमित रूप से सुबह करें।
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उष्ट्रासन
कैमल पोज या उष्ट्रासन ल्यूपस के लिए एक बेहतर उपचारात्मक अभ्यास है। कैमल पोज कंजेशन और लोगों में होने वाले गठिया के दर्द को दूर करने में भी मदद करता है। इस आसन को करने के लिए पैरों को लंबाई में फैलाकर बैठ जाएं। दाएं पैर के घुटने को मोड़ते हुए, दाईं एड़ी को दाएं नितंब (हिप) के नीचे रखें। इसी तरह बाएं पैर को मोड़ते हुए बाईं एड़ी को बाएं नितंब के नीचे रखें। घुटनों के बल खड़े हो जाएं। गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए कमर के ऊपरी हिस्से को पीछे की ओर ले जाएं। दाईं हथेली से दाईं एड़ी को और बाईं हथेली से बाईं एड़ी को पकड़ने की कोशिश करें। 15 सेकंड तक इसी स्थिति में बने रहें। इसका अभ्यास 3-4 बार करें।