World Lung Cancer Day 2020: क्या डायबिटीज रोगियों को अधिक रहता है फेफड़े के कैंसर का खतरा? पढ़ें पूरी जानकारी
करीब 80 प्रतिशत मामलों में धूम्रपान ही कैंसर के लिए जिम्मेदार पाया गया है। हालांकि, कुछ लोगों को यह जेनेटिक और अन्य कारणों से भी हो सकता है। पर्यावरणीय कारकों में रेडॉन, एस्बेस्टस, आर्सेनिक, बेरिलियम और यूरेनियम के संपर्क में आने से इस कैंसर का जोखिम बढ़ता है। इसके अलावा फैमिली हिस्ट्री, बॉडी, उम्र, छाती में रेडिएशन और फेफड़ों की बीमारी आदि भी फेफड़े के कैंसर का कारण बनती है।
फेफड़े का कैंसर सबसे आम कैंसर में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में लगभग 5 से 1 मौत फेफड़े के कैंसर के कारण होती है। यह अनुमान है कि हर साल स्तन कैंसर, कोलन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर की तुलना में ज्यादा मौतें फेफड़े के कैंसर के कारण होती हैं। 2012 से, हर साल 1 अगस्त को विश्व लंग कैंसर दिवस मनाया जाता है ताकि इस बीमारी और इसके जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर के लिए सबसे बड़ा जोखिम कारक माना जाता है।
करीब 80 प्रतिशत मामलों में धूम्रपान ही कैंसर के लिए जिम्मेदार पाया गया है। हालांकि, कुछ लोगों को यह जेनेटिक और अन्य कारणों से भी हो सकता है। पर्यावरणीय कारकों में रेडॉन, एस्बेस्टस, आर्सेनिक, बेरिलियम और यूरेनियम के संपर्क में आने से इस कैंसर का जोखिम बढ़ता है। इसके अलावा फैमिली हिस्ट्री, बॉडी, उम्र, छाती में रेडिएशन और फेफड़ों की बीमारी आदि भी फेफड़े के कैंसर का कारण बनती है। कुछ अध्ययनों ने सामान्य लोगों की तुलना में मधुमेह के रोगियों में फेफड़े के कैंसर होने की ज्यादा संभावना बताई है। इस विश्व लंग कैंसर दिवस के मौके पर हम आपको डायबिटीज और फेफड़े के कैंसर के बीच संबंध बता रहे हैं।
डायबिटीज और फेफड़े का कैंसर
डायबिटीज रहित लोगों की तुलना में टाइप-2 डायबिटीज रोगियों में फेफड़े की बीमारी खासकर कैंसर होने का खतरा रहता है। शोधकर्ता कहते हैं कि डायबिटीज रोगियों में रिस्ट्रिक्टिव फेफड़े की बीमारी (आरएलडी) का खतरा ज्यादा रहता है। इस रोग के लक्षण सांस फूलने से शुरू होती है। यूके में हुए शोध में कहा गया कि मधुमेह के रोगियों को उनके फेफड़ों पर सिगरेट के धूम्रपान के प्रभाव से बचने की कोशिश करनी चाहिए।
क्या होता है फेफड़े का कैंसर
लंग कैंसर क्यों होता है इसे जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि कैंसर क्या है ? शरीर में मौजूद सेल यानी कोशिकाओं की एक विशेषता होती है। एक उम्र के बाद वो खुद नष्ट हो जाती हैं। लेकिन कैंसर की बीमारी के बाद शरीर के उस अंग विशेष के सेल की वो विशेषता खत्म हो जाती है। वो कोशिकाएं मरती नहीं बल्कि दो से चार, चार से आठ के हिसाब से बढ़ती हैं। उनके स्वत: नष्ट होने की क्षमता खत्म हो जाती है। शरीर के जिस अंग की कोशिकाओं में ये दिक्कत आने लगती है, उसी अंग को कैंसर की उत्पत्ति की जगह माना जाता है।
फेफड़े के कैंसर से बचाव
लंग कैंसर से बचने के उपाय के लिए आपको फेफड़ो को हेल्दी रखना होगा। अगर आप अपने लंग की हेल्थ का ख्याल रखते हैं तो लंग कैंसर से आसानी से बच सकते हैं। सबसे पहले तो आपको किसी भी प्रकार के धूम्रपान या सिगरेट पीने की आदत को छोड़ना होगा। दूसरी बात अगर आप ऐसे शहर में रहते हैं जहां कि हवा प्रदूषित है तो आपको मास्क लगाकर चलना होगा। तीसरी बात लंग मजबूत रहें इसके लिए नियमित एक्सरसाइज भी करनी होगी।