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LUNG CANCER: लंग कैंसर का नाम सुनते ही हर किसी को मौत नजर आने लगती है. फेफड़े के स्वास्थ्य के लिए आज का दिन याद रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि आज ही के दिन लंग कैंसर होने की प्रमुख वजह का पता चला था. 27 जून, 1957 को ब्रिटेन की मेडिकल रिसर्च काउंसिल ने कई वर्ष के अनुसंधान के आधार पर रिपोर्ट जारी कर यह बताया था कि धूम्रपान की वजह से इंसान को LUNG CANCER अर्थात फेफड़ों का कैंसर होता है. हाल के वर्षों में LUNG CANCER लंग कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. लंग कैंसर का खतरा महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा होता है.
हाल के वर्षों में लंग कैंसर का खतरा और बढ़ गया है. कई शोधों में यह पता चला है कि सिगरेट या धूम्रपान की वजह से लंग कैंसर का खतरा जहां पहली वजह है. वहीं बढ़ते प्रदूषण की वजह से भी दूनिया के बड़े मेट्रो शहर में लंग कैंसर का खतरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है.
एक्सपर्ट मानते हैं कि जहां लोगों में सिगरेट या धूम्रपान की वजह से लंग कैंसर का खतरा बढ़ रहा है वहीं वायु प्रदूषण की वजह से भी फेफड़े कमजोर हो रहे हैं.
लंग कैंसर क्यों होता है इसे जानने से पहले यह समझना जरूरी है कि कैंसर क्या है ? शरीर में मौजूद सेल यानी कोशिकाओं की एक विशेषता होती है. एक उम्र के बाद वो खुद नष्ट हो जाती हैं. लेकिन कैंसर की बीमारी के बाद शरीर के उस अंग विशेष के सेल की वो विशेषता खत्म हो जाती है. वो कोशिकाएं मरती नहीं बल्कि दो से चार, चार से आठ के हिसाब से बढ़ती हैं. उनके स्वत: नष्ट होने की क्षमता खत्म हो जाती है. शरीर के जिस अंग की कोशिकाओं में ये दिक्कत आने लगती है, उसी अंग को कैंसर की उत्पत्ति की जगह माना जाता है
पहला तंबाकू का सेवन या स्मोकिंग. सिगरेट पीने और तंबाकू के सेवन का सीधा संबंध फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से होता है. इससे लंग कैंसर तक का ख़तरा होता है.
दूसरा कारण है हवा में मौजूद प्रदूषण. इन दिनों चाहे कारखानों से फैल रहा प्रदूषण हो या फिर डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुंआ, सबसे बेंजीन गैस निकलती है. यही गैस हवा को प्रदूषित करती है जिससे फेफड़ों के कैंसर का ख़तरा होता है.
तीसरा कारण है जेनेटिक यानी अनुवांशिक. यानी शरीर में मौजूद जीन में बदलाव की वजह से भी इस तरह का कैंसर होता है.
डॉक्टरों के मुताबिक लंग कैंसर दो प्रकार के होते हैं
स्मॉल सेल लंग कैंसर तेजी से फैलता है जबकि नॉन स्मॉल सेल लंग कैंसर कम तेजी से फैलता है.
अगर तीन हफ्तों तक आपको खांसी है जो ठीक नहीं हो रही.
बलगम में खून आ रहा हो.
सीढ़ियां चढ़ने उतरने में सांस फूलने लगती है.
सीने में दर्द की शिकायत रहती हो.
सब कुछ ठीक होने के बाद भी वज़न लगातार घट रहा है.
तो आपको लंग कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए. ये लंग कैंसर के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं.
लेकिन अगर लंग कैंसर शरीर के दूसरे हिस्से जैसे दिमाग तक फैल चुका है, तो इसकी वजह से शरीर के किसी अंग को लकवा मार सकता है. अगर कैंसर किडनी तक फैल जाए तो हो सकता है कि जॉन्डिस यानी पीलिया की बीमारी हो जाए.
लंग कैंसर से बचने के उपाय के लिए आपको फेफड़ो को हेल्दी रखना होगा. अगर आप अपने लंग की हेल्थ का ख्याल रखते हैं तो लंग कैंसर से आसानी से बच सकते हैं. सबसे पहले तो आपको किसी भी प्रकार के धूम्रपान या सिगरेट पीने की आदत को छोड़ना होगा. दूसरी बात अगर आप ऐसे शहर में रहते हैं जहां कि हवा प्रदूषित है तो आपको मास्क लगाकर चलना होगा. तीसरी बात लंग मजबूत रहें इसके लिए नियमित एक्सरसाइज भी करनी होगी.
शरीर के बाकि अंगों की तरह फेफड़ों को स्वस्थ रखना भी बेहद जरुरी होता है। यह आपकी सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करता है। फेफड़ों की मदद से आपके रक्त में ऑक्सीजन पहुंचती है। इन सभी चीजों के लिए फेफड़ों का मजबूत होना जरुरी होता है।
जब आप सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन के साथ कुछ प्रदूषित कण आपके शरीर में चले जाते हैं जो फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। फेफड़ों को प्रभावित होने से बचाने के लिए इनका मजबूत होना जरुरी होता है। फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए आपको कुछ एक्सरसाइज करनी चाहिए। तो आइए आपको उन एक्सरसाइज के बारे में बताते हैं जो आपके फेफड़ों को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।
इस एक्सरसाइज को करने के लिए आपको अपनी सांस पर फोरस करता होता है जिससे दिमाग शांत और रिलैक्स होता है। इसे करने के लिए 4 सेकेंड तक सांस लें ताकि आपके फेफड़ों में ऑक्सीजन भर जाए। उसके बाद अगले 4 सेकेंड तक पूरी भरी हुई ऑक्सीजन को निकाल दें। इसे रोजाना 5 मिनट तक करें।
फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए योग फायदेमंद होता है। योग के दौरान जब आप गहरी सांस लेते हैं तो इससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है जिसकी वजह से आपके फेफड़ों में ज्यादा ऑक्सीजन रह पाती है। फेफड़ों के साथ योगा डायफ्राम के लिए भी बेहतर वर्कआउट होता है।
पानी के अंदर सांस रोककर रखने से आपके फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है। इसके साथ ही पानी श्वसन मांसपेशियों पर दबाव डालकर उन्हें मजबूत बनाता है। स्वीमिंग फेफड़ों के लिए लाभकारी एक्सरसाइज होती है।
रनिंग जैसी एरोबिक्स एक्सरसाइज फेफड़ों के लिए फायदेमंद होती है। क्योंकि आपके शरीर को एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा ऑक्सीजन की जरुरत होती है। जिसके लिए आपके फेफड़ों को ज्यादा काम करना पड़ता है। शारीरिक असक्रियता आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचने का सबसे बड़ा कारण होती है। इसलिए जॉगिंग, जुम्बा जैसे वर्कआउट करते रहने चाहिए।
उपरोक्स सभी एक्सरसाइज करने से LUNG CANCER लंग कैंसर से बचा जा सकता है. क्योंकि आप एक्सरसाइज से फेफड़ों को मजबूत रखते हैं. साथ ही आपको LUNG CANCER लंग कैंसर के खतरे को भी पहले जान पाते हैं.
ये फल-सब्जियों को डाइट में शामिल करके खुद को लंग कैंसर से बचाएं.