Lung Cancer Awareness Month : फेफड़े के कैंसर से बचने के लिए खूब खाएं ये दो चीज

एक अध्ययन के अनुसार, तरह-तरह के फल और सब्जियां खाने से फेफड़े के कैंसर ( Lung cancer) के खतरे को कम‍ किया जा सकता है।

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Written By: Anshumala | Published : November 1, 2019 5:47 PM IST

1 नवंबर से 30 नवंबर को ''लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ'' (Lung Cancer Awareness Month 2019) के तौर पर मनाया जाता है। धूम्रपान अधिक करने वालों को फेफड़े का कैंसर (Lung cancer) होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। यदि आप फेफड़ों के कैंसर से बचे रहना चाहते हैं, तो इसमें आपकी मदद करेंगे फल और सब्जियां। एक अध्ययन के अनुसार, तरह-तरह की फल और सब्जियां खाने से फेफड़े के कैंसर के खतरे को कम‍ किया जा सकता है।

शोध में यह भी दावा किया गया है कि ये फल और सब्जियां धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के लिए भी फायदेमंद होती हैं। ऐसे में आप फेफड़े को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो हर दिन अपने भोजन फल और सब्जियों को शामिल करें। जानें, नवंबर में मनाए जाने वाले लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ पर (November is Lung Cancer Awareness Month) कैसे फलों और सब्जियों के सेवन से आप लंग कैंसर से खुद को बचाकर रख सकते हैं।

क्या कहता है अध्ययन

अध्ययन में कहा गया है कि फेफड़े के कैंसर से बचने का सबसे कारगर तरीका है स्मोकिंग की आदत से जल्द से जल्द पीछा छुड़ा लेना। अध्ययन में शामिल शोधकर्ताओं का कहना है कि खाने में हर तरह के फल और सब्जियां लेने से स्मोकर्स में लंग कैंसर के खतरे (Lung Cancer Awareness Month) को एक हद तक कम किया जा सकता है।

ना खाएं अधिक डिब्बाबंद फूड्स

ताजा भोजन करें (Foods to avoid lung cancer)। फल और हरी सब्जियां खूब खाएं। डिब्बाबंद और सूखे प्रोडक्ट्स खाने परहेज करें। सब्जियों और फलों की एक निश्चित मात्रा से लंग कैंसर का खतराकम हो सकता है। खासकर, जो लोग स्मोकिंग करते हैं, उनमें स्कैवमस सेल कॉसिर्नोमा (एक प्रकार का लंग कैंसर) के होने का खतरा बढ़ जाता है।

फल-सब्जी खाने से कैंसर का खतरा होता है कम 

खाने में तरह-तरह के फ्रूट्स और वेजिटेबल्स लेने से स्कैवमस सेल कॉसिर्नोमा का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। फल और सब्जियों में विविध प्रकार के बायोएक्टिव कंपाउंड होते हैं। सभी को इनका सेवन एक निश्चित मात्रा में करना चाहिए। अपने भोजन में तरह-तरह के फल और सब्जियों को शामिल करने के साथ ही बायोएक्टिव उत्‍पादों को भी शामिल करना चाहिए।

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