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जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे देने के लिए सभी के पास बहुत सारी राय होती है। लेकिन पुरुष कहीं न कहीं इससे बच जाते हैं। जिसके चलते पुरुष इस कठिन सफर में अपनी पत्नी को उतना सपोर्ट या भरोसा नहीं दे पाते हैं जितना कि एक पत्नी उम्मीद करती है और उसे जरूरत भी होती है। कई बार ऐसा भी होता है कि पुरुष प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी पत्नी को बेहतर महसूस कराने और उसे रिलेक्स करने के लिए कुछ करना तो चाहते हैं लेकिन जानकारी के अभाव में वह ऐसा कर पाने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए आज इस लेख में हम पिता बनने वाले पुरुषों के लिए 3 ऐसी बातें लेकर आए हैं जिन्हें अगर वह समझ लें और शिशु के जन्म से पहले सीख लें तो ये न सिर्फ उनकी पत्नी को स्पेशल फील कराएंगी बल्कि उन्हें एक बेहतर पिता बनने में मदद भी करेंगी। तो आइए जानते हैं क्या हैं वो 3 बातें-
ऐन्टिनेटॅल क्लॉसेस में शिशु की देखभाल करने और उनके साथ डील करने के तरीकों के बारे में बताया जाता है। क्योंकि आप पिता बनने वाले हैं इसलिए आपके बेबी का ख्याल रखने की जितनी जिम्मेदारी आपकी पत्नी की है, उतनी ही आपकी भी है। साथ ही बस आप बेबी को मैनेज करने के तरीके सीख जाते हैं तो ये न सिर्फ आपकी पत्नी को अच्छा महसूस कराएंगी बल्कि आपको भी एक बेहतर पिता बनने में मदद करेंगी। क्योंकि जब आपका शिशु इस दुनिया में आ जाएगा तो उसका डायपर बदलना या बर्पिंग के लिए टर्न कराना, ये सब करने का नंबर आपका भी आएगा। इसलिए इन चीजों को आप जितना जल्दी सीख उतना आपके लिए भी अच्छा रहेगा।
प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला का मूड बार-बार बदलता रहता है। कभी उसका कुछ खाने का मन करता है, तो कभी कहीं बाहर घूमने का मन करता है। कभी वह अकेले रहना चाहती है तो कभी उसका पार्टी करने का मौज मस्ती करने का मन कर सकता है। यानि कि आपकी पत्नी को जो भी चाहिए आपकी जिम्मेदारी बनती है कि आप उस चीज को पूरा करें। भले ही आपके घर में उसका ख्याल रखने और उसकी ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए काफी सारे लोग हों। लेकिन एक पत्नी जिस हक से अपने पति के साथ अपनी फीलिंग्स को शेयर कर सकती है वह शायद औरों के साथ न कर पाएं।
इसलिए आपको बस इतना करना है है कि जब भी आपकी बीबी को आपकी जरूरत हो आप उनके पास हों। अगर आप हर वक्त उनके साथ नहीं रह सकते हैं तो कम से कम फोन पर जरूर रेस्पांस करें। इस बात की गांठ बांध लें कि प्रेग्नेंसी के पूरे 9 महीने के दौरान आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण और प्राथमिक आपकी पत्नी होनी चाहिए। जब आप ऐसा करेंगे तो आपकी बीबी को न सिर्फ अच्छा लगेगा बल्कि वह मानसिक तौर पर भी खुद को मजबूत भी महसूस करेगी।
'वह जो बोले वो करें' इस वाकया का मतलब है कि आपकी पत्नी प्रेग्नेंसी के दौरान आपसे जो भी डिमांड करती है उसे जरूर पूरा करने की कोशिश करें। कोई सवाल जवाब करें उसे वो हर चीज लाकर दें जो वह चाहती है। यदि आपका दोस्तों के साथ घूमना या पार्टी करना उसे पसंद नहीं आ रहा है तो बिना किंतु-परंतु किए ऐसा करना बंद कर दें। क्योंकि सबको चाहिए कि प्रेग्नेंसी के दौरान वह खुश रहे। जब महिला खुश रहेगी तो डिलीवरी में भी आसानी होगी और बेबी भी हेल्दी पैदा होगा।