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Written By: Yogita Yadav | Published : July 6, 2018 5:40 PM IST
अगर आप अभी हाल ही में किसी प्यार के बंधन में बंधे हैं , तो यह न सोचें कि टारगेट अचीव हो गया, बल्कि अभी तो इस रिश्ते को है आपके समय और प्यार की ज्यादा जरूरत।
कोई हो साथ : क्या आप अकसर दूसरों का साथ चाहते हैं? पर क्या आप दूसरों का साथ देने के लिए तैयार हैं? यह सुनने में जितना आसान लग रहा है, समझने में उतना ही मुश्किल, लेकिन जरूरी है। हम अकसर यह तो चाहते हैं कि हमारा कोई साथी हो, पर अपने में वह क्वालिटी पैदा नहीं कर पाते, जिसकी पार्टनर को जरूरत होती है। ऐसे में किसी के लिए भी हमारा रिश्ता बोझ बन सकता है और वह जल्दी ही इस रिश्ते से बाहर आना चाहता है।
बिजी ऑल द डे : आपने रिश्ता बनाने के लिए तो समय दिया, लेकिन निभाने के लिए नहीं। गर्लफ्रेंड या पत्नी के साथ रिश्ता पब्लिक होते ही आप फिर से अपने काम में व्यस्त हो गए और आपको यह सुध भी नहीं रही कि आपके बिना यह रिश्ता कैसा चल रहा है, तो खुद ही सोचिए यह रिश्ता कितने दिन चल पाएगा। हर चीज की तरह रिश्ते को भी समय देने की जरूरत होती है। रिश्तों में टेकन फोर ग्रांटेड की आदत छोड़ देनी चाहिए।
डोमिनेटिंग बिहेवियर : यदि आपको लगता है कि हर बार, हर बात में आप ही सही हैं, तब तो आपका रिश्ता बहुत देर तक टिक ही नहीं सकता। असल में कोई भी रिश्ता निभाने के लिए समझौतावादी दृष्टिकोण अपनाना ही पड़ता है। अपने पार्टनर की गलत बात को भी आप शालीनता से कैसे एडजस्ट करते हैं, इससे आपकी रिश्ते के प्रति ईमानदारी तय होती है। हर समय यदि आपका साथी ही समझौता करेगा तो ऐसे में कभी न कभी वो आपको छोड़ने में ही समझदारी समझेगा।
असहमति का सम्मान : दो अलग-अलग लोगों की सोच सभी मसलों पर कभी भी एक समान नहीं हो सकती। क्या जब आपके साथी की सोच आपसे नहीं मिलती तो आप उन्हें गलत बता कर उन पर इल्जाम लगाना शुरू कर देते है? अगर ऐसा करते हैं तो यह रिश्ता लंबा नहीं चलेगा। अगर चल भी गया तो एक-दूसरे के लिए सम्मान नहीं रह पाएगा। जब आपके साथी और आपके किसी मसले पर विचार अलग हों ऐसे में आपको उनके अलग विचार का भी सम्मान रखना चाहिए।
रिश्ते में कम्यूनिकेशन : रिश्ता कोई बॉन्ड नहीं है, जो एक बार खरीद लिया और सालों साल बढ़ता रहा। इसमें रेगुलर इंटरेक्शन, कम्यूनिकेशन की जरूरत होती है। हर रोज अपनी दिनचर्या की छोटी-छोटी बातें पार्टनर के साथ शेयर करने से रिश्ता में घनिष्ठता बढ़ती है। जितना आप एक-दूसरे के बारे में जानेंगे, उतना ही प्यार भरा होगा आपका रिश्ता। सुख और दुख दोनों की शेयरिंग रिश्ते केा मजबूत करती है।
चित्रस्रोत: Shutterstock.
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