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Written By: Anshumala | Published : July 17, 2018 2:41 PM IST
ईगो सभी में होता है, चाहे वह पुरुष हो या महिला। महिलाएं कई बार अपनी ईगो यानी अहम को जल्दी भूलकर सामने वाले से बातचीत करने लगती हैं। वहीं कुछ पुरुष ऐसे भी होते हैं, जो बात-बात में अपना ईगो दिखाते हैं। ईगोइस्ट पुरुष छोटी से छोटी बात पर एटीट्यूड दिखाते हैं। मेल ईगो को टैकल करना काफी कठिन और नाजुक मामला होता है। हालांकि, ईगो की भावना नेचुरल होती है। ईगो, पॉजिटिव या निगेटिव दोनों ही हो सकता है, क्योंकि यह पूरी तरह से किसी के स्वभाव पर निर्भर होता है।
कैसे करें ईगो को टैकल
निगेटिव ईगो को बर्दाश्त और टैकल करना थोड़ा मुश्किल होता है। स्थिति तब और बिगड़ जाती है, जब पुरुष अपने अहम को रिश्ते के बीच लाने लगते हैं। दरअसल, डॉमिनेंट सेक्स घमंडी, अभिमानी होते हैं, ऐसे में महिलाओं के लिए इस तरह के व्यवहार का सामना करना काफी मुश्किल हो जाता है। कपल्स के बीच होने वाली बहस, झगड़े के दौरान ईगो बार-बार उभर कर सामने आता है। यदि आपके हस्बेंड या फिर प्रेमी में अहम की भावना है, तो उसे टैकल भी आपको ही करना होगा। हब्बी के साथ हैप्पी रिलेशनशिप बनाए रखने के लिए 'हैंडल विद केयर" फॉर्मूले को हमेशा ध्यान रखें। जब कोई पुरुषों के मैनलिहुड पर कमेंट या टीज करता है, तो उनका ईगो आसानी से हर्ट हो जाता है।
मैं पहल क्यों करूं
जब पति-पत्नी के बीच किसी बात पर झगड़ा हो जाता है और पति ईगोइस्ट है, तो वह यही सोचता है कि 'मैं पहल क्यों करूं। उसे ही (पत्नी) पहल करनी होगी"। ईगोइस्टिक मैन काफी रिजर्वड होते हैं और उनके लिए किसी के साथ भी एडजस्ट करना काफी मुश्किल होता है। यदि आपके हस्बैंड का नेचर भी कुछ ऐसा ही है तो आप खुद पहले पहल न करें। अपने आत्म-सम्मान को जिंदा रखें। उन्हें नॉर्मल होने के लिए पर्याप्त समय दें। इसी तरीके से उनका ईगो दूर होगा।
अपनाएं ये फॉर्मूले
1 यदि हस्बेंड की गलती होने के बावजूद आप ही उन्हें मनाएंगी तो वे ऐसा बार-बार करेंगे।
2 हस्बेंड/ब्वॉयफ्रेंड के सामने कभी भी खुद को लो कंसीडर न करें। उनके सामने बार-बार आप ही न झुकें। यह आपके लिए थोड़ा हार्ड रूल हो सकता है पर ईगोइस्ट व्यक्ति को ऐसे ही सुधारा जा सकता है।
3 यदि आप ही बार-बार झुकेंगी तो आपकी इमेज हब्बी के सामने डाउन होगी, जिसे देखकर वे अपने दिमाग में आपके प्रति यही धारणा बना लेंगे कि आप आसानी से झुक जाती हैं। आपको उनके इस रवैये से कोई परेशानी नहीं। अपने पार्टनर के सामने खुद के आत्म-सम्मान को बनाए रखें, खासकर तब जब वह ईगो दिखाते हों। ऐसे में काफी हद तक मेल ईगो टैकल करना आसान होता है।
4 अधिकतर पुरुषों की सोच होती है कि उनके लिए किसी काम को कर लेना या पा लेना दिक्कत वाली बात नहीं। वे ओवरकॉन्फिडेंट होते हैं, खासकर प्यार के मामले में। उन्हें लगता है कि बीवी/प्रेमिका उनके पास आसानी से आ जाएगी, क्योंकि पतियों के मुकाबले बीवी/प्रेमिकाएं उन्हें ज्यादा चाहती हैं। इस धारणा को खत्म करना भी आपका ही काम है। यदि आपके हस्बैंड ईगोइस्ट हैं, तो इस बात को जाहिर न करें कि आप उन्हें कितना चाहती हैं।
5 यदि हस्बेंड ईगो अकड़ या घंमड के रूप में व्यक्त करते हैं, तो उन्हें अकेला छोड़ दें।
6 बहुत कम ही पुरुष होते हैं, जो अपनी गलतियों को स्वीकार कर पत्नी के आगे झुकते हैं, क्योंकि यहां भी उनका अहम सामने आ जाता है। उनकी गलतियों को रियलाइज कराने की कोशिश करें तभी ईगो प्रॉब्लम दूर होगी। यदि वे अपनी गलतियों को समझने लगेंगे, तो उनका व्यवहार
भी बदल जाएगा।
7 जब उनके स्वभाव में बदलाव नजर आने लगे और आपसे सॉरी कहने आगे आएं, तो उन्हें जरूर समझें। हां, कुछ समय लेकर उन्हें विश्वास दिलाएं कि आप उनकी गलतियों के साथ अपनी गलतियों को भी समझती व मानती हैं। यदि आपके हस्बेंड को अपनी गलतियों का अहसास हो गया है, तो अब आप ईगोइस्टिक न बनें। ऐसा करने से हो सकता है उनका ईगो फिर से आड़े आ जाए और बनती हुई बात बिगड़ जाए।
8 आपकी कोई गलती न हो तो उनसे मांफी न मांगें। इसका मतलब यह नहीं कि आप नहीं झुक सकतीं, उन्हें अपनी गलतियों को रियलाइज करने दें। यदि उन्हें भी आपसे प्यार है तो खुद ही आपके पास आएंगे, क्योंकि पुरुष ज्यादा दिन तक अपने परिवार, बिवी-बच्चे से दूर नहीं रह सकते। इतना ध्यान रखें कि ईगोइस्ट हस्बेंड/ब्वॉयफ्रेंड से डील करना कोई मुश्किल काम नहीं। उनके डॉमिनेटिंग ईगो को रिप्लाई करने के लिए सिर्फ हिम्मत और स्मार्टनेस से काम लें।
चित्रस्रोत: Shutterstock.