
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 25, 2021 11:18 PM IST
Kirti Kulhari on Marriage and Divorce: बॉलीवुड एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी अपनी निज़ी ज़िंदगी और तलाक (Kirti Kulhari Divorce) को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं। मिशन मंगल (Mission Mangal) और पिंक (Pink) जैसे फिल्मों में अपनी एक्टिंग के लिए मशहूर कीर्ति इन दिनों अपनी टूटी शादी और उसके बाद डिप्रेशन (Kirti Kulhari depression post divorce) में जाने के बारे में खुलकर बातें कर रही हैं। कीर्ति ने कहा है कि उन्होंने तलाक के बाद वो मानसिक स्तर पर बहुत परेशान थीं। अभिनेत्री ने अप्रैल महीने में एक सोशल मीडिया पोस्ट की थी जिसमें उन्होंने लिखा किअब वो अपने पति साहिल सहगल (Sahil Sahgal से अलग होने का फैसला लिया है। अब डिवॉर्स हो जाने के बाद कीर्ति ने बताया कि शादी को बचाने की उनकी सारी कोशिशें बेकार हो गयी और वो अपना तलाक होने से न बचा सकीं। (Kirti Kulhari on Marriage and Divorce in Hindi)
View this post on Instagram
अपने मीडिया इंटरव्यूज़ में कीर्ति ने कहा कि किसी रिश्ते को खत्म करना और किसी से अलग होना बहुत मुश्किल काम है। लेकिन, जब एक रिश्ता ठीक तरीके से ना चल रहा हो तो उसमें बंधे रहकर किसी को खुशी नहीं मिलेगी। इससे, तो अच्छा है कि हिम्मत करके आगे बढ़ा जाए और फैसला लिया जाए। मैंने भी यही किया और मेरे इस फैसले की ज़िम्मेदारी मेरी है, मां-बाप या समाज की नहीं।
View this post on Instagram
बता दें कि 5 साल पहले कीर्ति और उनके पति साहिल सहगल की शादी हुई थी। 5 साल तक इस रिश्ते में रहने और अब तलाक के बाद कीर्ति ने रिलेशनशिप के विषय पर खुलकर बात ही है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में शादी एक 'ओवररेटेड' कॉन्सेप्ट है। कीर्ति के मुताबिक, शादी को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। हम सबको बहुत ही छोटी-सी उम्र से सिखाया जाता है कि शादी 2 लोगों की बजाय 2 परिवारों का रिश्ता होता है। इसीलिए, शादी के साथ कई रिश्ते भी निभाने की उम्मीद हमसे की जाती है। लेकिन, सच तो यह है कि शादी के साथ आपसे जुड़े ये रिश्ते शादी के बाद खत्म हो जाते हैं। इसीलिए, मैं कहती हूं कि शादी ओवररेटेड है। (Kirti Kulhari on Marriage and Divorce)
कीर्ति कहती हैं कि शादी के बंधन में बंधने की बजाय भी 2 लोगों के बीच दोस्ती, अपनापन और सम्मान बना रह सकता है। इसीलिए, शादी का फैसला समाज के बारे में सोचकर नहीं लेने की बजाय अपनी खुशी और एडजस्टमेंट के लिए अपनी प्रतिबद्धता को देखते हुए करनी चाहिए।
टाइम्स ग्रुप को दिए एक इंटरव्यू में कीर्ति ने कहा कि जब उन्होंने अपने तलाक के बारे में अपने माता-पिता को बताया तो उन दोनों ने ही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी। घर में ही उन्हें 2 अलग तरह के रिएक्शन मिलना भी एक अलग मुद्दा था। कीर्ति के पिता ने जहां बेटी के फैसले में उसका साथ देने की बात की वहीं, कीर्ति की मां ने उन्हें दोबारा विचार करने के लिए कहा।