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चाहती हैं अलग हो जाना, तो इन चुनौतियों के लिए रहें तैयार

किसी की परवाह करने की बजाए बिंदास बनें और अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जिएं।

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Written By: Yogita Yadav | Published : September 8, 2018 2:54 PM IST

कई बार रिश्‍ता इतना बोझिल हो जाता है कि आप उसमें घुटन महसूस करने लगते हैं। ऐसे में आप चाहते हैं कि रिश्‍ता से बाहर निकला जाए। परंतु यह इतना आसान भी नहीं है। रिश्‍ते से बाहर आकर आप तनाव से तो निकल आएंगी, लेकिन और भी कई तरह की चुनौतियों का आपको सामना करना पड़ेगा। जाने क्‍या हैं वे चुनौतियां और कैसे करें इनका सामना।

आर्थिक परेशानियां

आप चाहें माता-पिता से अलग होकर अकेले रहने का फैसला कर रहीं हैं या पति से तलाक या सेपरेशन के बाद। दोनों ही परिि‍स्‍थतियों में आपके लिए चुनौतियां तैयार हैं। इनमें सबसे पहली चुनौती होती है आर्थिक मोर्चे पर। जब दो जन साथ रहते हैं या परिवार में रहते हैं तो खर्च भी बंटे रहते हैं। पर अगर आप अलग रहना चाहते हैं तो यह खर्च बढ़ेंगे ही। रहनसहन का स्तर प्रभावित होगा, आमदनी के स्रोत तो घट जाते हैं पर जिम्मेदारियां और खर्च दोगुने हो जाते हैं। घर अलग होता है, तो स्वाभाविक है कि उसे चलाने का खर् भी बढ़ेगा। सामान्य कंफर्ट की चीजों के अलावा खानेपीने, घूमने-फिरने, रहने का सारा खर्च अकेले वहन करना पड़ता है। मनोरंजन हो या नई ड्रैसेज पर किया जाने वाला खर्च, आप को कम से कम रुपयों में बेहतर पाने का प्रयास करना सीखना पड़ेगा।

सामाजिक बहिष्कार

अकेले रहने के फैसले पर अकसर महिलाएं सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ जाती हैं। कई दफा वे लोग भी उन्हें नजरअंदाज करने लगते हैं, जिन्हें वे खुद के करीब मानती थीं। तलाक के बाद तो स्थिति और भी खतरनाक होती है। कॉमन फ्रैंड्स आप के ऐक्स को तो इनवाइट करें पर आप की काल्स को भी नजरअंदाज कर दें। आप की मां आप के ऐक्स की साइड ले कर बात कर आप के दोष गिनाएं।

भावनात्‍मक असर

इन बुरे दिनों में आप को हर जगह कपल्स नजर आएंगे। आप वीकेंड भी एन्‍ज्‍वॉय नहीं कर सकेंगी, क्योंकि यह फैमिली टाइम होता है, जबकि फैमिली आप के पास है ही नहीं। बच्चों से मिलने के लिए भी अपनी बारी का इंतजार करना बहुत कष्टकार होगा। सिनेमा हाल, मौल, मार्केट, रैस्टोरैंट वगैरह कहीं भी जाने से आप बचना चाहेंगी। आप को महसूस होगा जैसे लोग आप को ही घूर रहे हैं या दया की नजरों से देख रहे हैं। आप के दोस्त/रिश्तेदार अपने पति, बच्चों या दोस्तों के साथ व्यस्त मिलेंगे।

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ऐसे हालात में टूटने या सिमट जाने से बेहतर है कि रिश्तों की असलियत स्वीकारते हुए नए दोस्त बनाएं, अपने जैसी स्थिति वालों से मिलें। आप को जीने का नया नजरिया, नया अंदाज मिलेगा। मुमकिन है कि आप को नया जीवनसाथी भी मिल जाए,  जो आप की कद्र करे, आप को समझे।

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लोलुप नजरों का सामना

अकेले होने पर ऑफिस और आसपास के कुछ पुरुष स्त्रियों को लोलुप नजरों से देखने लगते हैं। यदि आप सिंगल हैं और सिंगल होने को तैयार नहीं तो भी पुरुष आप के आगे-पीछे घूमने से बाज नहीं आते। ऐसे लोग चांस मारने का कोई मौका नहीं छोड़ते। जाहिर है, आप बहुत असहज महसूस करेंगी।

ध्यान रखें, आप नहीं वरन आप की स्थितियों की वजह से लोग इस नजर से देख रहे हैं। परेशान होने के बजाय इन बातों को हैंडल करना सीखें। बिंदास बनें, जमाने की परवाह करने से जमाना और भी पीछे पड़ जाता है। अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जिएं।