
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
रिलेशनशिप में महसूस हों ये 5 लक्षण तो तुरंत लें ब्रेक, बॉन्डिंग होगी मजबूत
कभी-कभी रिलेशनशिप में एक समय आता है जब थोड़े ब्रेक की आवश्यकता होती है। हालांकि इसका मतलब ब्रेकअप नहीं बल्कि कुछ समय के लिए एक दूसरे से दूरी बनाना है। जब रिश्ते में अंडरस्टेंडिंग की कमी होना, अट्रैक्शन का अभाव, कॉल या मैसेज आने पर चिढ़ महसूस होना या फ्री होने पर भी बात न करने जैसे लक्षण दिखाई दें तो समझ लें कि आपके रिलेशन का एक ब्रेक की जरूरत है। ऐसी स्थिति में आप मिच्युल अंडरस्टेंडिंग से कुछ समय के लिए ब्रेक ले सकते हैं। इससे हो सकता है कि आपका रिलेशन पहले की तरह मजबूत और अट्रैक्टिव हो जाए। आज हम आपको विस्तार से कुछ ऐसे प्वॉइंट्स बता रहे हैं जो संकेत देते हैं कि कब आपको अपने रिलेशन में कुछ समय के लिए ब्रेक ले लेना चाहिए।
प्रेम की भावना चाहे कितनी भी रोमांटिक क्यों न हो, समय के साथ कम होने लगती है। यानि कि कुछ समय के बाद आप अपने पार्टनर के साथ बोर महसूस कर सकते हैं। जब एक रिश्ते में, हम एक-दूसरे को अच्छी तरह से जान जाते हैं तो कुछ नया करने के लिए नहीं होता है। जबकि इंसान का स्वभाव ऐसा है कि उसे समय समय पर कुछ न कुछ नया और मजेदार चाहिए। यानि कि जब रिश्तों के बीच नयापन नहीं होता है तो पार्टनर बोर होने लगते हैं। कभी—कभी तो ऐसी बातों पर लड़ाईयां होने लगती हैं जिन्हें आप बहुत आसानी से सुलझा सकते थे। ये संकेत है कि आपको एक ब्रेक लेने की जरूरत है।
अगर आप दोनों के बीच गलतफहमी बढ़ गई है, तो आपको एक ब्रेक की जरूरत है। अक्सर ये छोटी गलतफहमियां अपने आप में बहुत कड़वाहट लाती हैं। धीरे धीरे ये कड़वाहट नफरत और चिढ़न का कारण बनने लगती है। जिसके चलते रिलेशनशिप खुशी नहीं बल्कि एक बोझ लगने लगता है। यह संकेत बताता है कि आपको ब्रेक ले लेना चाहिए।
अगर आपका पार्टनर हर छोटी छोटी बात पर आपसे झगड़ रहा है या आपको भला बुरा कह रहा है तो समझदारी इसी में है कि कुछ समय के लिए ब्रेक लिया जाए। क्योंकि किसी भी इंसान को बेवजह गुस्सा तभी आता है जब वह चीजों को दिल के बजाय दिमाग से सोचता है।
क्या आप पिछले कुछ समय से अपने रिश्ते में लंबी बहस को नोटिस कर रहे हैं? अगर हां तो इसे प्यार से हल करने का प्रयास करें। सबसे पहले यह जान लें कि बहस दो लोगों के बीच होती है और अगर कोई बहस कर रहा है तो दूसरे को चुप रहना चाहिए। हर बात पर बहस करना ठीक नहीं है। कभी-कभी सुनना भी अच्छा होता है। इसके अलावा, एक-दूसरे की कमजोरियों का मजाक न बनाएं और बहस में कोई ऐसी बात न बोलें जो सामने वाले को बुरी लगे। एक दूसरे पर झूठे आरोप लगाने से बचें। यदि बहस लंबी हो जाती है या सामने वाला व्यक्ति आपकी बात नहीं मानता है, तो उसे कुछ समय या दिनों के लिए अकेला छोड़ दें।
जब आप एक-दूसरे से किए गए वादों को पूरा न कर पाएं या एक दूसरे पर विश्वास करने में बहुत कठिनाई होती है तो यह भी संकेत देता है कि आपको कुछ समय के लिए अलग हो जाना चाहिए।