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Artificial Intelligence-based technology is being developed to maximize the number of liver transplants. © Shutterstock
लिवर से संबंधित बीमारियां आज सिर्फ बड़ों को ही नहीं, बल्कि नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को भी प्रभावित कर रही हैं। बच्चे कम उम्र में ही लिवर से संबंधित (Healthy Liver Tips) रोगों से ग्रस्त न हों, इसके लिए भी जागरूकता फैलाने की जरूरत है। दिमाग के बाद लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है। यह शरीर में कई ऐसे काम करता है, जिससे दूसरे अंग अपना काम सुचारू रूप से कर सकें। यह बिना रुके काम करता है। इसमें किसी भी तरह की खराबी के लक्षण जल्दी (Healthy Liver Tips) दिखाई नहीं देते।
इससे संबंधित होने वाले रोगों के आम लक्षण (symptoms of Liver disease) हैं, आंखों का पीला पड़ना, पेशाब का रंग पीला होना, भूख न लगना, मितली और उल्टी आना। सौ से अधिक ऐसी बीमारियां हैं, जिनका असर लिवर पर पड़ता है। यदि आपको पेट के आस-पास सूजन, पैरों में सूजन, वजन में कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
1 हर बच्चे को जन्म के तुरंत बाद हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना (Tips to avoid Liver disease) चाहिए।
2 रक्त और रक्त उत्पादों का इस्तेमाल करने से पहले हेपेटाइटिस बी और सी के लिए इसकी जांच की जानी चाहिए। परीक्षण के जरिए सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि रक्त में किसी तरह का संक्रमण तो नहीं है।
3 हमेशा साफ पानी ही पिएं। फलों और सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से धोना चाहिए। जब भी संभव हो हेपेटाइटिस ए का टीका जरूर लगवाएं।
4 नवजात शिशु को अगर दो सप्ताह से अधिक पीलिया की शिकायत रहती है, तो इसकी जांच करवानी चाहिए, ताकि अगर लिवर की कोई बीमारी हो, तो उसका निदान कर तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। अधिकतर बच्चों को जन्म के बाद पीलिया हो जाता है, लेकिन यह 10 दिन के अंदर ठीक हो जाता है।
5 लिवर की ज्यादातर बीमारियों में अगर शुरुआती अवस्था में सही इलाज मिल जाए, तो इसके परिणाम अच्छे रहते हैं। मरीज को आगे होने वाली जटिलताओं और लीवर ट्रांसप्लांटेशन की जरूरत से बचाया जा सकता है।
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