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Written By: Anshumala | Published : September 20, 2020 11:24 AM IST
स्पर्म काउंट कम होने के कारण और 2 योगासन जो दूर करेंगे ये समस्या। © Shutterstock.
Yoga to Increase Sperm Count in Hindi: अधिकतर पुरुष लो स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) की समस्या से परेशान रहते हैं। इसकी वजह से पुरुषों में बांझपन यानी मेल इंफर्टिलिटी (Male Infertility) की समस्या भी होती है। ऐसे में आपको पिता बनने में समस्या हो सकती है। इससे आपका यौन जीवन भी प्रभावित हो सकता है। पुरुषों में स्पर्म काउंट (Low sperm count) कम होने के कई कारण होते हैं। हालांकि, लो स्पर्म काउंट की समस्या को आप कुछ योग के नियमित अभ्यास और हेल्दी डायट के सेवन से भी दूर कर सकते हैं। योग (Yoga benefits) करने से पेल्विक रीजन में ब्लड सर्कुलेशन एवं ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है। योग के नियमित अभ्यास से आप तनाव, एंग्जायटी कम कर सकते हैं। रिप्रोडक्टिव ग्लैंड हेल्दी रहता है। इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है। हम यहां आपको दो खास योगासन के बारे में बता रहे हैं, जो पुरुषों में होने वाली इस समस्या को दूर (Yoga to Increase Sperm Count) कर सकते हैं।
पुरुषों में कई कारणों से वीर्य (Simen) या शुक्राणु कम हो सकता है।
जेनेटिक समस्या।
वजन अधिक होना।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी।
शराब और धूम्रपान का सेवन अधिक करना।
स्पर्म की क्वालिटी उम्र बढ़ने के कारण भी घटती है।
हॉट बाथटब, हॉट शावर, जकूजी में अधिक रहना।
तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन से स्पर्म बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
डायबिटीज के कारण भी स्पर्म की क्वालिटी होती है प्रभावित।
सेक्सुअल समस्याएं होने से भी स्पर्म की गुणवत्ता कम होती है।
इस आसन को करने के लिए आप अपने पेट के बल लेट जाएं। अब शरीर के ऊपर के भाग को धीरे-धीरे उठाते हुए ऊपर की तरफ ले जाएं। ऐसा करते समय अपने दोनों हाथों को फर्श पर ही रखें। सिर को भी ऊपर की तरफ ही रखें।
भुजंगासन के नियमति अभ्यास से कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रीढ़ की हड्डी से तनाव दूर होता है। प्रजनन अंग अपना काम बेहतर तरीके से कर पाते हैं। भुजंगासन करने से प्रजनन अंगों की सेहत दुरुस्त होती है, इस तरह से मेल फर्टिलिटी बूस्ट होती है।
इस आसन को करने के लिए आप फर्श पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को धीरे-धीरे आगे की तरफ 45 डिग्री के एंगल में उठाने की कोशिश करें। शरीर को हिलाएं नहीं। अब शरीर यानी धड़ को भी आगे की तरफ उठाने की कोशिश करें। कमर को बिल्कुल सीधा रखें। अब दोनों हाथों को भी उठाते हुए पैरों के पास लाएं, चाहें तो इस अवस्था में पैरों की उंगलियों को छूने की कोशिश करें।
नौकासन के प्रतिदिन अभ्यास करने से पैरों, एब्डोमिन, कूल्हों आदि को मजबूती मिलती है। इस आसन से पेल्विक मसल्स भी टोन होती है। इस आसन को करने से वजन कम होने के साथ ही श्वसन तंत्र भी मजबूत होता है।
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