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Homeopathy me ilaj: जब भी हम बीमार पड़ते हैं, तो सबसे पहले घर के पास वाले एलोपैथिक डॉक्टर के पास ही जाते हैं। वहीं, कई लोग प्राकृतिक तरीके से ठीक होने के लिए आयुर्वेदिक दवाइयां लेना ज्यादा पसंद करते हैं। इन दोनों चिकित्सा पद्धति में सभी तरह की बीमारियों का इलाज संभव है। आपको बता दें कि होम्योपैथी में भी कई बीमारियों का इलाज उपलब्ध हैं। हालांकि, अधिकतर लोग होम्योपैथी ट्रीटमेंट के बारे में जागरूक नहीं है। होम्योपैथी, पारंपरिक चिकित्सा से अलग एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है। इसमें पौधों और खनिजों से दवाइयां बनाई जाती हैं। होम्योपैथी उपचार प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी है। लेकिन, अधिकतर लोगों को पता नहीं है कि होम्योपैथी में किन-किन बीमारियों का इलाज संभव है। तो आइए, Dr.Sheshadri's Homoeopathic Clinic, दिल्ली की होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ.शेषाद्रि जुयाल से जानते हैं-
होम्योपैथी में त्वचा संबंधी बीमारियों का इलाज संभव है। अगर आपको स्किन से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप होम्योपैथी ट्रीटमेंट भी ले सकते हैं। होम्योपैथी में मुंहासों और एक्जिमा का इलाज हो सकता है। इनके अलावा, होम्योपैथी में मस्से, विटिलिगो (सफेद दाग), पित्ती और फंगल इंफेक्शन का इलाज भी संभव है। होम्योपैथी में प्राकृतिक तरीके से त्वचा से जुड़ी बीमारियों का इलाज हो सकता है।
आयुर्वेद के साथ ही, होम्योपैथी में भी पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज हो सकता है। इसमें पाचन से जुड़ी सामान्य से लेकर गंभीर समस्याओं का इलाज हो सकता है। होम्योपैथी में कब्ज, अपच, डायरिया आदि को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इतना ही नहीं, होम्योपैथी में इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, बवासीर, हर्निया जीईआरडी का इलाज भी संभव है। इसलिए अगर आप चाहें तो इन समस्याओं को ठीक करने के लिए होम्योपैथी का सहारा भी ले सकते हैं।
अक्सर लोगों को लगता है कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का इलाज सिर्फ एलोपैथी और आयुर्वेद में ही किया जा सकता है। लेकिन, आपको बता दें कि होम्योपैथी में भी महिलाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज आसानी से हो सकता है। होम्योपैथी में पीसीओडी, पीसीओएस और मासिक धर्म अनियमितता का इलाज संभव है। इनके अलावा, थायराइड और गर्भाशय फाइब्रॉएड का इलाज भी होम्योपैथी में हो सकता है। होम्योपैथी में सिरदर्द औ माइग्रेन की समस्या भी ठीक हो सकती है।
होम्योपैथी में मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर का इलाज भी हो सकता है। इस विकार में जोड़, हड्डियां और मांसपेशियां प्रभावित हो जाती हैं। यह बीमारी नसों को भी प्रभावित कर सकती है। होम्योपैथी में इससे जुड़ी सभी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। इसमें गठिया, पीठ दर्द और जोड़ों के दर्द को ठीक किया जा सकता है। हालांकि, होम्योपैथी ट्रीटमेंट के जरिए समस्या को ठीक करने में ज्यादा समय लग सकता है।
होम्योपैथी में श्वसन-तंत्र से जुड़ी समस्याओं का इलाज भी हो सकता है। इसमें एलर्जिक राइनाइटिस, साइनसाइटिस, सीओपीडी और अस्थमा का इलाज किया जा सकता है। इनके अलावा, होम्योपैथी में सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी सामान्य समस्याओं का ट्रीटमेंट भी आसानी से हो जाता है। इसमें डिप्रेशन, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं को ठीक किया जा सकता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देती है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें. thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.