Homeopathy Vs Ayurveda: होम्योपैथिक इलाज और आयुर्वेदिक इलाज एक दूसरे से किस तरह अलग है?

Homeopathy Or Ayurveda Mai Difference: अगर आपको भी ऐसा ही लगता है कि होम्योपैथी और आयुर्वेदिक उपचार सेम हैं, तो आप गलत हैं। आइए इनके बीच के अंतर को जानें।

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Written By: Vidya Sharma | Updated : April 10, 2026 11:44 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Smriti Jhunjhunwala

Ayurveda vs Homeopathy: हमें कौन सी बीमारी है या उसका इलाज कैसे करना चाहिए, आजकल लोग इस समस्या को सीधे अंग्रेजी डॉक्टर के पास लेकर जाने लगे हैं। डॉक्टर उन्हें अंग्रेजी दवाइयां देता है और वह खाते रहते हैं। लेकिन आजकल लोगों ने एलोपैथिक दवाइयों को छोड़, होम्योपैथी और आयुर्वेद का चुनाव करना शुरू कर दिया है। यह उपचार के वह माध्यम हैं जिन्हें पुराने समय से ही अपनाया जा रहा है।

अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग अपनी गंभीर या हल्की-फुल्की समस्या के लिए आयुर्वेद को चुनते हैं, लेकिन हम में से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो होम्योपैथी को बेहतर मानते हैं। लेकिन क्या ही फर्क पड़ता है कि हम आयुर्वेदिक उपचार चुन रहे हैं या फिर होम्योपैथी? जी बिल्कुल फर्क पड़ता है, क्योंकि यह दोनों अलग-अलग हैं। इन अंतर को विस्तार से जानने के लिए हमने होम्योपैथी डॉक्टर स्मृति झुनझुवाला से बात की। आइए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कहा।

होम्योपैथी दिवस पर एक झलक

विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को मनाया जाता है, जो होम्योपैथी के संस्थापक डॉक्टर हैनिमैनकी जयंती की याद में मनाया जाता है। इस साल यानी कि विश्व होम्योपैथी दिवस 2026की थीम'स्थायी स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी' चुनी गई है। आपको बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक कार्यबलों में से एक है।

होम्योपैथी ने पहली बार 1810 में भारत में प्रवेश किया जब जर्मन मिशनरियों ने दवाओं का वितरण शुरू किया। भारत में 3.45 लाख पंजीकृत होम्योपैथी डॉक्टर, 8,593 होम्योपैथी औषधालय, 277 होम्योपैथी शैक्षणिक संस्थान और 34 अनुसंधान केंद्र हैं। लेकिन इन सब से इतर आज भी लोगों को होम्योपैथिक उपचार और आयुर्वेदिक उपचार में अंतर नहीं पता है। आइए हम इन दोनों के बीच का अंतर जानते हैं।

व्यक्ति की बीमारी को ट्रीट करता है होम्योपैथी

डॉक्टर स्मृति बताती है कि जब भी हम होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट की बात करते हैं तो लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि दोनों का डिफरेंस क्या है। तो दोनों का अंतर यह है कि जब हम होम्योपैथी से एक इंसान को ट्रीट करते हैं तो हम वो इंसान को एक अ इंडीविजुअल ट्रीट करते हैं न कि पूरे शरीर को ट्रीट करते हैं कि किसी शरीर के अंदर की एक बीमारी को। यह बहुत स्पेसिफिक होता है हर एक इंसान के लिए।

उदाहरण के लिए अगर एक इंसान को बुखार हुआ है और दूसरे को भी बुखार हुआ है तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हमने जो ए पर्सन को दिया वही हम दूसरे इंसान को भी दें। वह कंप्लीटली डिपेंड करता है वो इंसान के सिंपटम्स पर, पर उसके साथ यह भी डिपेंड करता है कि वो इंसान किस तरीके का है, उसका स्वभाव कैसा है। यह होम्योपैथी है। 

आयुर्वेद में इलाज किस पर निर्भर करता है?

जबकि आयुर्वेदा में हम आमतौर मरीज के बॉडी के अंदर की प्रकृति पर ध्यान देते हैं। और आयुर्वेदा बहुत हद तक आपकी डाइट, लाइफस्टाइल और आपके डेली रूटीन पर डिपेंड करता है। इसमें कई बंदिशें होती हैं जैसे हमें क्या नहीं खाना है या सिर्फ इन्हीं चीजों को खाना है, इन दो चीजों का कॉम्बिनेशन को नहीं खाना है। यह बहुत डिपेंड करता है आयुर्वेद पर।

क्या सच में होम्योपैथी धीरे काम करती है?

डॉक्टर दूसरा अंतर बताते हुए कहती हैं कि 'ऐसा बोला जाता है कि होम्योपैथी स्लो काम करती है। होम्योपैथी धीरे-धीरे असर दिखाती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। होम्योपैथी यूजुअली क्रॉनिक डिजीज पर काम करती है यानी कि वह बीमारियां जो बहुत लंबे समय तक आए जा रही है। इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि होम्योपैथी एकदम एक्यूट केसेस पर काम नहीं करती। बेशक करती है लेकिन जो बहुत लंबी बीमारी बहुत लंबे टाइम से जो बीमारी है जिसे कोई ठीक नहीं कर पा रहा उसे यूजुअली हम होम्योपैथिक से ठीक कर सकते हैं।

आयुर्वेद कैसे काम करता है?

वहीं आयुर्वेद के बारे में बताते हुए डॉक्टर स्मृति बताती हैं कि 'जबकि आयुर्वेद बहुत ही इन डेप्थ स्टडी करता है। आयुर्वेद आपकी प्रकृति के हिसाब से आपको ठीक करता है। हमें आयुर्वेद में बहुत ध्यान देना पड़ता है कि हमारे बॉडी का और बाहर के नेचर का बैलेंस बने रहे। जैसे कुछ लोग वात, पित्त और कफ, ये जो बोला जाता है उसके हिसाब से हम आयुर्वेदा में डिसाइड करते हैं कि हमें पेशेंट को क्या देना है और उन्हें क्या डाइटरी रिस्ट्रिक्शन बताने हैं।

होम्योपैथी के साइड इफेक्ट नहीं होते हैं

डॉक्टर बताती हैं कि 'जहां तक होम्योपैथी और आयुर्वेद का और एक डिफरेंस रहा, बता दें कि सबसे पहले होम्योपैथी का कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होता क्योंकि हम होम्योपैथी बनाते हैं वह बहुत ही माइन्यूट डोज रहता है और हायली डाइल्यूट रहता है। आयुर्वेद का जहां तक रहा आयुर्वेद के ज्यादातर सारे फॉर्मुलेशन सेफ होते हैं लेकिन कभी-कभार कुछ चीजों के लिए हमें शायद ऐसा हो सकता है पॉसिबिलिटी है कि कुछ चीजों के लिए हमें स्पेसिफिक गाइडलाइंस या स्पेसिफिक रिस्ट्रिक्शंस की जरूरत पड़ी। 

होम्योपैथिक एंड आयुर्वेदिक दवाएं कैसे बनती हैं?

होम्योपैथी एंड आयुर्वेद में जैसे होम्योपैथी मैंने आपको बताया होम्योपैथी एकदम डाइल्यूट करके दवा बनाते हैं जो एनर्जाइज होता है। ये होम्योपैथी के मेडिसिन अलग-अलग प्राणियों से अलग-अलग प्लांट्स अलग-अलग मिनरल्स, अलग-अलग ऑयल्स से बनते हैं। और जहां तक आयुर्वेद की बात है वह हम यूजुअली खाली प्लांट्स से बनाते हैं, मिनरल्स से बनाते हैं, बट जानवरों का उपयोग नहीं होता है।

आयुर्वेद में हम उस बॉयल करना, पीसना, फॉर्मेट करना, भस्म बनाना यह सब आयुर्वेद में होता है जो होम्योपैथी में नहीं होता है। होम्योपैथी में हम सिर्फ एक एक दवा एक टाइम पर देते हैं जिसे हम वह इंसान की दवा कहते हैं। वह इंसान उसे दवा से बहुत मैच करता है तब जाकर हम उसे वह दवा देते हैं। जबकि आयुर्वेदा आपके सिंपटम्स पर ही दिया जाता है और आयुर्वेद में ऐसा नहीं है कि हमें एक ही दवा देकर उसे करना है।

होम्योपैथी और आयुर्वेद में दवाइयों को कैसे मापा जाता है?

जहां हम दोज की बात करते हैं होम्योपैथी यूजुअली पोटेंसी में आती है, जैसे लोअर पोटेंसी हायर पोटेंसी होता है। और जितना ज्यादा डाइल्यूशन होता है उतना ज्यादा हम कंसीडर करते हैं कि वह एक स्ट्रांग पोटेंसी है। जहां तक आयुर्वेद की बात है युजवली हमें उसे मिलीग्राम, मिलीलीटर या एक छोटा चम्मच एक चम्मच, ऐसे हम उसका डोज कांबिनेशन करते हैं।

Highlights

  • विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसके संस्थापक डॉक्टर हैनिमैन थे।
  • विश्व होम्योपैथी दिवस 2026 की थीम 'स्थायी स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी' चुनी गई है। 
  • भारत दुनिया के सबसे बड़े होम्योपैथिक कार्यबलों में से एक है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

होम्योपैथी कैसे काम करती है?

होम्योपैथी यूजुअली क्रॉनिक डिजीज पर काम करती है यानी कि वह बीमारियां जो बहुत लंबे समय तक आए जा रही है।

विश्व होम्योपैथी दिवस 2026 की थीम क्या है?

विश्व होम्योपैथी दिवस 2026 की थीम 'स्थायी स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी' चुनी गई है।

विश्व होम्योपैथी दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व होम्योपैथी दिवस हर साल 10 अप्रैल को मनाया जाता है, जिसके संस्थापक डॉक्टर हैनिमैन थे।

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