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National Institute of Homoeopathy में कौन-कौन सी बीमारियों का इलाज होता है? खर्चा कितना आता है और X-Ray, ECG की क्या कॉस्ट है?

बहुत कम लोग जानते हैं कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी में एक्यूट से लेकर क्रोनिक बीमारियों का यहां होता है। NIH में कैंसर की स्पेशल ओपीडी भी होती है। आइए जानते हैं क्या है NIH का 'Zero-Cost' इलाज मॉडल।

National Institute of Homoeopathy में कौन-कौन सी बीमारियों का इलाज होता है? खर्चा कितना आता है और X-Ray, ECG की क्या कॉस्ट है?

Written by Rashmi Upadhyay |Published : April 9, 2026 2:00 PM IST

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी जिसे शॉट में एनआईएच भी कहते हैं आयुष मंत्रालय का एक सरकारी विभाग है जहां होम्योपैथी की पढ़ाई, कोर्स, रिसर्च और मरीजों का इलाज होता है। दिल्ली और कोलकत्ता में दो नेशनल इंस्टीट्यूट हैं और दोनों ही जगह ओपीडी और आईपीडी की सुविधा उपलब्ध है, जहां मरीज दूर-दूर के शहरों और देशों से इलाज कराने आते हैं। इंस्टीट्यूट नाम से आप ​कन्फयूज मत होना क्योंकि ये अपने आप में बड़े अस्पताल हैं। छोटी से लेकर गंभीर, हर तरह की बीमारी का इलाज यहां होता है। NIH की आफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध डाटा बताता है कि सक्सेसफुली इलाज के चलते पिछलों कुछ सालों में यहां मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। अगर आप भी किसी बीमारी का डिसऑर्डर का शिकार हैं लेकिन प्राईवेट अस्पतालों का बिल जेब पर भारी पड़ता है तो आपको ये आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए। हम जानेंगे कि National Institute of Homoeopathy की हिस्ट्री क्या है, यहां कौन-कौन सी बीमारियों का इलाज होता है, ओपीडी का समय क्या है, डॉक्टर की फीस कितनी लगती है और ब्लड टेस्ट आदि की कॉस्ट क्या रहती है।

NIH में कितने मरीज इलाज कराते हैं?

इनकी सरकारी वेबसाइट पर उपतलब्ध डाटा बताता है कि साल 2023-24 में, कोलकाता स्थित सॉल्ट लेक कॉम्प्लेक्स स्थित एनआईएच की ओपीडी में कुल 475,286 मरीज आए थे जो उसके पिछले साल 2022-23 की तुलना में 15.8% ज्यादा थे। 7 मार्च 2024 को, एनआईएच ने एक रिकॉर्ड बनाया जब एक दिन में 3494 मरीजों ने अस्पताल सेवाओं का लाभ उठाया, जो अब तक 1 दिन में आने वाले मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या है।

अब जानिए यहां रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

क्योंकि दिल्ली और कोलकत्ता दोनों ही अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रहती है इसलिए यहां टोकन मिलना रात से शुरू हो जाता है जो अगले दिन की दोपहर 12 बजे तक मिलता है। इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले कई मरीज अपनी निर्धारित अपॉइंटमेंट के दिन से एक शाम पहले अस्पताल पहुंच जाते हैं। बड़ी संख्या में मरीजों को संभालने और कतार को व्यवस्थित रखने के लिए ही आधी से टोकन देने की सुविधा है। टोकन मिलने के बाद मरीज अपने अपने नंबर के हिसाब से रजिस्ट्रेशन कराते हैं जो सुबह 8:30 बजे से शुरू हो जाता है और तब तक चलता है जब तक लास्ट टोकन वाले व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन न हो जाए।

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डॉक्टर की फीस सिर्फ 5रु है

जब आप रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो आप डॉक्टर की फीस के तौर पर 5रु देने होते हैं। इसके बाद अपना पर्चा लेकर संबंधित विभाग में जाकर देश के जाने-माने डॉक्टर्स से मरीज कंसल्ट करते हैं। रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर का अपॉइंटमेंट मिलने का ये पूरा प्रोसेस AHMIS (AYUSH Hospital Management Information System) सिस्टम से होता है।

क्या दवाओं का अलग से पैसा देना पड़ता है?

नहीं, 5रुपये में ही डॉक्टर से कंसल्टेशन और दवाएं दोनों मिलती हैं। अस्पताल के अंदर ही डिस्पेंसरी होती है जहां आप पर्चा दिखाकर दवा लेते हैं। यानि कि दवाओं के लिए आपको अलग से पैसा नहीं देना पड़ता बल्कि 5रु में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट भी मिलती और दवाएं भी मिलती हैं। हां, कभी कभार ऐसा हो सकता है कि अगर डॉक्टर ने कोई ऐसी दवा लिख दी है तो डिस्पेंसरी में उपलब्ध नहीं है वो आपको बाहर से लेनी पड़ सकती है। हालांकि ऐसा बहुत स्थितियों में होता है।

NIH में कौन-कौन सी ओपीडी होती हैं?

  • होम्योपैथिक रिपर्टरी
  • होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका
  • ऑर्गेनॉन ऑफ मेडिसिन और होम्योपैथिक दर्शन
  • होम्योपैथिक फार्मेसी
  • चिकित्सा अभ्यास
  • बाल रोग
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग
  • सर्जरी
  • ईएनटी
  • नेत्र रोग
  • दंत चिकित्सा
  • फिजियोथेरेपी

कैंसर मरीजों के लिए स्पेशल OPD भी है

NIH में हर मंगलवार और गुरुवार को कैंसर मरीजों के लिए स्पेशल OPD होती है। जहां स्पेशलिस्ट मरीजों के लिए कंसल्टेशन करते और इलाज बताते हैं। यहां कैंसर के पैटर्न को चेक किया जाता है और विभिन्न प्रकार के कैंसर और उनकी विभिन्न अवस्थाओं के लिए होम्योपैथिक उपचार के पहलुओं पर भी विचार किया जाता है। इस स्पेशल कैंसर ओपीडी में लगभग 1093 कैंसर रोगियों का उपचार किया गया है।

NIH एंबुलेंस की सुविधा भी देता है

इमरजेंसी स्थिति के लिए एनआईएच 24x7 एंबुलेंस की सुविधा भी देता है। अगर आप दिल्ली के नरेला स्थिति अस्पताल के लिए एंबुलेंस बुलाना चाहते हैं तो 011-27783300 नंबर पर कॉल कर ड्यूटी ऑफिसर या एम्बुलेंस ड्राइवर का नंबर मांग सकते हैं। अगर आप कोलकाता कैंपस के लिए एंबुलेंस बुलाना चाहते हैं तो 033-23370901 / 033-23370902 नंबरों पर कॉल कर ड्यूटी ऑफिसर या एम्बुलेंस ड्राइवर का नंबर मांग सकते हैं।

जरूरी बात

अगर ऊपर बताए गए नंबर नहीं मिल रहे हैं, कोई उठा नहीं रहा है या आने में समय लग रहा है तो आपको यहां वहां समय बर्बाद न करते हुए तुरंत 102 (ERSS - Emergency Response Support System) पर कॉल कर एंबुलेंस बुलानी चाहिए। ये सबसे सुरक्षित तरीका है।

अस्पताल में बेडों की संख्या कितनी है?

IPD मरीजों के लिए कुल 100 बेडों की सुविधा है। जिनका वितरण इस प्रकार है:

female beds at NIH

male beds at NIH

NIH में X-Ray, ECG और Pathology का क्या रेट है?

NIH में आप चाहे कोई भी ब्लड टेस्ट या स्क्रीनिंग कराएं, आपको पैसा सरकारी रेटों पर ही देना होता है। कहने का मतलब है कि यहां X-Ray, ECG और Pathology के रेट बहत मामूली से होते हैं। प्राइवेट अस्पतालों के रेट और यहां के रेट में जमीन आसमान का अंतर रहता है।

https://nih.ayush.gov.in/patient-care-services

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Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।