
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : May 13, 2026 3:39 PM IST
Medically Verified By: Dr. Smriti Jhunjhunwala
पैरों में छाले
आपके या आपके माता-पिता के साथ ऐसा हुआ होगा कि उनके पैरों में फूले हुए, मोटे और कठोर छाले हुए होंगे। इन्हें कैलस कहा जाता है। यह हाथ व पैर कहीं भी हो सकती है। लंबे समय तक खड़े रहना, टाइट फुटवियर पहनना, लगातार फ्रिक्शन या पैरों की सही देखभाल न करना इसकी बड़ी वजहें मानी जाती हैं। शुरुआत में लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, और कुछ तो इन्हें सूखने पर खरोचने व छिलने भी लग जाते हैं।
लेकिन समय के साथ यह दर्द, जलन और चलने में परेशानी का कारण बन सकता है। आप चाहें तो टेम्पररी इलाज के लिए कोई ट्यूब या दवाई छाले पर लगा सकते हैं। लेकिन अगर आप समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते हैं तो ऐसे में होम्योपैथी की ओर रुख कर सकते हैं। क्योंकि आज हम आपको होम्योपैथी डॉक्टर स्मृति झुनझुनवाला के बताए पैरों के छालों को ठीक करने के उपायों के बारे में बताने वाले हैं। आइए डॉक्टर से ही जानते हैं हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
हम अपने पैरों पर जिन मोटे छालों को देखते हैं, दरअसल वह त्वचा की वो परत होती है, जो लगातार दबी रहती है या रगड़ खा रही होती है। होम्योपैथी डॉक्टर के अनुसार सिर्फ बाहर की त्वचा हटाना काफी नहीं होता। कई बार शरीर की त्वचा की प्रकृति, पसीना, सूखापन या गलत फुटवियर जैसी वजहों को समझना भी जरूरी होता है।
डॉक्टर बताती हैं कि होम्योपैथी में इलाज व्यक्ति के लक्षणों और त्वचा की स्थिति के आधार पर किया जाता है। हम मरीज की स्किन का प्रकार, दर्द, जलन, चलने में परेशानी और छालों का नेचर देखकर दवाओं का चयन करते हैं। हालांकि मोटे व फूले हुए छालों की समस्या में सिर्फ दवा पर निर्भर रहना सही नहीं है। पैरों की साफ-सफाई, सही जूते और त्वचा की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।
अक्सर हम बहुत टाइट या हार्ड सोल वाले जूते व सैंडल पहनते हैं, जो पैरों में लगातार दबाव बनाए रखती हैं। इससे त्वचा का वह हिस्सा फूलने व मोटा होने लगता है। यही कारण है कि जब भी आप अनकंफर्टेबल फुटवियर कैरी करते हैं तो हमेशा छाले हो जाते हैं। इसलिए आरामदायक और सही फिटिंग वाले फुटवियर पहनने चाहिए।
ड्राई स्किन जल्दी फटती है और छाले ज्यादा कठोर हो सकते हैं। इसलिए रात में मॉइस्चराइजर या फुट क्रीम लगाएं, ताकि त्वचा मुलायम बनी रहे। आप चाहें तो नहाने के बाद व रात को सोने से पहले अपने पैरों व छालों पर नारियल या सरसों का तेल भी लगा सकते हैं।
कभी-कभी हम मामूली सा छोटा छाला समझकर उसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन जब यह समस्या बढ़ती है तो हमारे लिए हानिकारक हो सकती है। इसलिए जब आपको छाले के साथ रेडनेस, सूजन, पस, तेज दर्द या खून आ रहा हो, तो समझने की कोशिश करें कि यह किसी गंभीर त्वचा समस्या या संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अगर छाले बार-बार बन रहे हों, चलने में दिक्कत हो रही हो या घरेलू देखभाल के बावजूद सुधार न दिखे, तो त्वचा विशेषज्ञ या होम्योपैथिक डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है। डायबिटीज मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि पैरों में छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार ‘मोटे छालों का इलाज सिर्फ ऊपर की त्वचा हटाकर नहीं किया जाता है। समस्या की जड़ जैसे लगातार दबाव, सूखापन या त्वचा की संवेदनशीलता को समझना जरूरी है।’ हो सकता है आप जूते न पहनते हों, लेकिन गर्मी, धूल और चप्पल के दबाव से भी पैरों में छाले हो सकते हैं। इस तरह की कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डिस्क्लेमर- देखें अगर आपके पैरों के साथ-साथ हाथों पर भी छाले हो रहे हैं, जिनमें पानी भर रहा है और वह फूल रहे हैं तो इस परेशानी को अनदेखा न करें। घरेलू नुस्खों की बजाय डॉक्टर के पास जाना और सही इलाज चुनें।