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Homeopathy And PCOS Treatment: PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है। इस बीमारी में महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन का अधिक मात्रा में उत्पादन होने लगता है और ओवरीज में कई छोटी-छोटी सिस्ट बन जाती हैं। इसकी वजह से महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर अनचाहे बाल, वजन बढ़ना, मूड स्विंग्स, मुंहासे और हेयर फॉल जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सबसे चिंता की बात यह है कि पीसीओएस को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है और इसे दवाओं से सिर्फ मैनेज किया जा सकता है। हालांकि, होम्योपैथी इस बीमारी के इलाज का दावा करती है। इस विषय पर जानकारी के लिए हमने चेतन होम्यो हॉल क्लिनिक के डॉ प्रेम प्रकाश मिश्रा से बातचीत की। आइए, जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर –
डॉक्टर प्रेम प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, होम्योपैथिक दवाएं पीसीओएस के लक्षणों को ठीक करने पर काम करती हैं। होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से ग्रंथियों की अधिक सक्रियता को संतुलित करने और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही, ये दवाएं ओवरी की सिस्ट को ठीक करने और स्ट्रेस को कम करने में भी मदद करती हैं। होम्योपैथिक ट्रीटमेंट से महिला के गर्भधारण करने की संभावना बढ़ जाती है। पीसीओएस के इलाज के लिए होम्योपैथिक दवाओं के साथ-साथ नियमित व्यायाम करने और हेल्दी आहार लेना जरूरी है।
डॉक्टर प्रेम प्रकाश मिश्रा के मुताबिक, होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से पीसीओएस के लक्षणों को जल्द कम करने में मदद मिलती है। शुरुआत में मरीज को 6 से 12 महीने तक दवा लेने की सलाह दी जाती है। इसके बाद मरीज की स्थिति के हिसाब से इलाज की अवधि को बढ़ाया या कम किया जा सकता है। हालांकि, इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए 1 से 2 साल तक दवाइयों का सेवन करना पड़ सकता है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।