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Sardiyo me Bawasir ka dard kaise Kam Kare: कहा जाता है कि सर्दियों का मौसम अलग-अलग तरह की बीमारियां लेकर आता है, जिसमें सर्दी-जुकाम तो है ही साथ में जोड़ों में दर्द व स्किन से जुड़ी कुछ बीमारियां भी शामिल हैं। लेकिन इन सब के अलावा सर्दियां ऐसा मौसम हैं, जिसके दौरान ज्यादातर बीमारियां गंभीर बन जाती हैं और इनमें बवासीर की समस्या भी एक है। देखा गया है कि बवासीर के मरीजों को सर्दियों में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सर्दियों के मौसम में कई ऐसे कारण हैं, जिनसे बवासीर की समस्या बढ़ने लगती है, जिसके बारे में जानना जरूरी है। साथ ही सर्दियों के मौसम में बवासीर के दर्द को कैसे कम करें और इसे बार-बार बढ़ने से कैसे रोकें आदि के बारे में जानना भी बहुत जरूरी है और ये सभी जानकारियां इस लेख में दी गई हैं।
अगर आप भी बवासीर के घरेलू तरीके ढूंढ रहे हैं, तो पहले उसके बढ़ने का कारण जान लें। ठंड के मौसम में बवासीर के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ जाती है और दर्द ज्यादा रहने लगता है। उसके पीछे का एक कारण ठंडे मौसम के कारण त्वचा में हुई अकड़न होती है। वहीं सर्दियों में लोग ज्यादा फैट व शुगर वाला खाना खाते हैं और तला-भूना भी ज्यादा खाते हैं जिसके कारण कब्ज बढ़ती है और उसका सीधा असर बवासीर पर पड़ता है। सर्दियों के मौसम में धूप कम निकलती है और लोग फलों व सब्जियों का सेवन भी कम करते हैं, जिसके कारण इम्यूनिटी कमजोर पड़ने लगती है और इसके कारण बवासीर का घाव जल्दी नहीं भर पाता है और दर्द बढ़ता रहता है।
सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले बवासीर के दर्द को कम करने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले जितना हो सके बवासीर के आसपास की त्वचा को ठंड के कारण अकड़ने न दें और खासतौर पर मल त्याग से पहले थोड़ी देर गर्म पानी में बैठें। इसके अलावा अपनी डाइट का खास ध्यान रखें ज्यादा फलों व सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें ताकि आपको पर्याप्त फाइबर मिलता रहे जो कब्ज को दूर रखेगा और साथ ही अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलते रहें जो आपकी इम्यूनिटी को मजबूत रखेंगे। इसके अलावा तला-भुना, ज्यादा फैट या शुगर वाला खाना न खाएं जो बवासीर के घाव को और ज्यादा बढ़ता है।
(और पढ़ें - क्या खाने से बवासीर का दर्द ठीक होगा)
बवासीर का दर्द जब बढ़ता है, तो स्थिति काफी गंभीर पैदा कर सकता है। इसलिए उसे बढ़ने से पहले ही डॉक्टर के संपर्क में बने रहना चाहिए, समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराते रहें। डॉक्टर के द्वारा दी गई दवाएं नियमित समय पर लेते रहें। डॉक्टर खाने की दवाओं के साथ-साथ लगाने की दवाएं भी दे सकते हैं, जिनका डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से इस्तेमाल करना जरूरी है। इसके अलावा अगर आपको कुछ असाधारण लक्षण दिखते हैं जैसे अचानक से दर्द होने लगना, खुजली, जलन या सूजन जैसा महसूस होना या फिर मल में खून आने लगना आदि को ऐसे में डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।