स्टडी का दावा, गठिया संबंधी घुटने के दर्द से छुटकारा दिलाए हल्दी, इस तरह करें यूज

एक अध्ययन के अनुसार, हल्दी प्लैसेबो (Placebo) या किसी अन्य दर्द-निवारक दवाओं की तुलना में अधिक जल्दी घुटने के पुराने दर्द से (Knee pain) राहत देने में मददगार है। जानें, हल्दी के अन्य फायदे क्या-क्या हैं...

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Written By: Anshumala | Updated : September 20, 2020 5:57 PM IST

Haldi Ke Fayde in Hindi: हल्दी का सेवन (Turmeric) तो हम सभी हर दिन किसी ना किसी रूप में करते हैं। हल्दी को गुणों की खान कहते हैं। संक्रामक रोगों से बचाती है हल्दी। हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हल्दी के इस्तेमाल से जोड़ों के दर्द (Joint pain) में राहत मिल सकती है। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुख्यरूप से सब्जी, दाल में डाली जाने वाली हल्दी प्लैसेबो (Placebo) या किसी अन्य दर्द-निवारक दवाओं की तुलना में अधिक जल्दी घुटने के पुराने दर्द से (Knee pain) राहत देने में मददगार है।

ऑस्ट्रेलिया में तस्मानिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने घुटनों के ऑस्टियोअर्थराइटिस (osteoarthritis) से पीड़ित 40 साल से अधिक उम्र के 70 रोगियों का अध्ययन किया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। आधे मरीजों को 12 सप्ताह के लिए प्रत्येक दिन कुल 1000 मिलीग्राम हल्दी के साथ दो कैप्सूल दिए गए, जबकि दूसरे आधे समूह को एक प्लैसेबो दिया गया।

हल्दी का सेवन करने वालों में घुटने का दर्द हुआ दूर

उन्होंने पाया कि जिस समूह ने हल्दी का सेवन (Haldi Ke Fayde in Hindi) किया था, उनमें अध्ययन के अंत में घुटने का दर्द काफी कम हो चुका था। इसके लिए उनसे सवाल-जवाब भी किए गए, जिसमें अधिकतर मरीजों ने घुटने का दर्द (Knee pain) कम होने की बात कही। इतना ही नहीं, पहले से उनका घुटना बेहतर तरीके से कार्य करने लगा और उन्होंने कम दर्द का अनुभव किया। इतना ही नहीं, इनमें से चार प्रतिभागियों ने घुटने का दर्द कम करने वाली दवाओं का सेवन भी करना बंद कर दिया। हल्दी का सेवन (benefits of turmeric in hindi) करने वाले किसी भी रोगियों में कोई दुष्प्रभाव भी नजर नहीं आए।

कम्पाउंड करक्युमिन ऑस्टियोअर्थराइटिस का इलाज करने में कारगर

हालांकि, हल्दी (Turmeric) घुटने के ऑस्टियोअर्थराइटिस से संबंधित (Knee Osteoarthritis) अन्य समस्याओं जैसे घुटने का कार्य, द्रव निर्माण या घुटने की कार्टिलेज की सेहत को बनाए रखने या इलाज में उतनी प्रभावी नहीं पाई गई। यह स्टडी सिर्फ 12 सप्ताह के लिए की गई थी, जो घुटने से संबंधित ऑस्टियोअर्थराइटिस में हल्दी से की जाने वाली इलाज के लॉन्ग-टर्म एफेक्ट्स को जांचने, परखने के लिए काफी नहीं है। ऐसे में इस पर अभी और अधिक शोध करने की जरूरत है। हालांकि, पहले हुए कई अध्ययनों में यह भी बात सामने आई है कि हल्दी में मौजूद मुख्य कम्पाउंड करक्युमिन (Curcumin) और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज ऑस्टियोअर्थराइटिस का इलाज करने में कारगर होती हैं। करक्युमिन घुटने का दर्द ठीक करने में एक दर्दनिवारक दवा की ही तरह असर करता है।

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