
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
बारिश के पानी में भीगने के बाद अक्सर लोगों को स्कैल्प में खुजली होती है।
मानसून आते ही मौसम सुहाना लगता है। पर इस सुहाने मौसम के साथ एक मुसीबत भी आती है - गीले बाल। ऑफिस जाते समय अचानक बारिश, बाइक चलाते हुए भीग जाना या छत पर कपड़े सुखाते हुए बालों का तर हो जाना। और फिर शुरू होती है वो खुजली। स्कैल्प में ऐसी खुजली कि चैन से बैठा न जाए। साथ में डैंड्रफ, बालों का झड़ना और बदबू। अगर आपके साथ भी यही हो रहा है तो घबराइए मत। बारिश में ये आम समस्या है।
बारिश का पानी और हवा में नमी स्कैल्प पर फंगस और बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। गीले बाल घंटों तक बंधे रहने से स्कैल्प में पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसी से इचिंग, इन्फेक्शन और डैंड्रफ शुरू हो जाता है। साथ ही बाजार के शैंपू में मौजूद केमिकल और बारिश का गंदा पानी स्कैल्प का pH बिगड़ जाता है। इससे स्कैल्प में खुजली होने लगती है। बारिश के मौसम में अगर आपको भी स्कैल्प में खुजली होती है तो टेंशन मत लीजिए। किचन में रखी कुछ खास चीजों से इससे राहत पा सकते हैं। आज हम इसी बारे में बात करेंगे।
स्कैल्प में खुजली होने का कारण संक्रमण भी हो सकता है।
1. नीम और मेथी का हेयर पैक - बारिश के दिनों में होने वाली खुजली से राहत पाने के लिए आप नीम और मेथी का हेयर पैक लगा सकते हैं। नीम एंटी-बैक्टीरियल है और मेथी स्कैल्प को ठंडक देती है।
2. चाय की पत्ती का पानी- चाय की पत्ती का पानी लगभग हर भारतीय घर में आसानी से मिलता है। हार्वर्ड हेल्थ की रिसर्च बताती है कि चाय की पत्ती में टैनिन होता है जो एक्स्ट्रा ऑयल और पसीना सोखता है। बारिश में होने वाली खुजली से राहत दिलाने में चाय की पत्ती का पानी आपकी मदद कर सकता है।
3. सेब का सिरका- विभिन्न प्रकार की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बारिश के पानी से स्कैल्प एसिडिक हो जाता है। सेब का सिरका इसे बैलेंस करने में मदद करता है।
4. दही और एलोवेरा- स्कैल्प की खुजली को कम करने में दही और एलोवेरा का मिश्रण भी बहुत फायदेमंद होता है। दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो बैड बैक्टीरिया मारते हैं। एलोवेरा जलन शांत करता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। बारिश में भीगने के बाद आपको स्कैल्प में खुजली , जलन या कोई अन्य परेशानी हो रही है तो सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें, इस बारे में डॉक्टर से बात करें।