
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 28, 2020 12:31 PM IST
ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करती है रोजमेरी, नियमित सेवन से दूर होती हैं कई अन्य बीमारियां
रोजमेरी जिसे गुलमेंहदी भी कहते हैं, एक व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी बूटी है, जो मुख्य रूप से अपने सुगंधित गुणों के लिए प्रसिद्ध है। यह पुदीना, नींबू बाम और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियों के एक ही परिवार से संबंधित है। यूनानियों ने तो प्राचीन समय में ही रोजमेरी की शक्तिशाली क्षमताओं की खोज कर ली थी। इस जड़ी-बूटी का उपयोग न केवल कई एसेंशियल ऑयल में किया जाता है बल्कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। इसकी सुई जैसी पत्तियों और साइट्रस जैसी खुशबू के साथ, यह जड़ी बूटी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की मूल निवासी है। आज इस लेख में हम आपको इस अद्भुत जड़ी बूटी के स्वास्थ्य लाभ बता रहे हैं।
चूंकि इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जिससे यह तमाम बैक्टीरिया से शरीर को बचाने के साथ ही स्टैफ संक्रमण को भी रोकती है। रोज़मेरी चाय में पॉलीफेनोलिक यौगिक भी होते हैं जो कि रोज़मिनिक एसिड और कार्नोसिक एसिड होते हैं। इन यौगिकों को अक्सर उनके एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण परिरक्षकों के रूप में उपयोग किया जाता है। मीठी खुशबू वाली ये जड़ी बूटी स्किन और स्कैल्प को सुरक्षित रखती है।
यूनानी अपनी स्मृति को बढ़ावा देने और ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करने के लिए रोजमेरी का इस्तेमाल करते थे। कई परीक्षणों और प्रयोगों ने संकेत दिया है कि दौनी एसिटाइलकोलाइन नामक एक रसायन को तोड़ने में मदद करती है जो याददाशत और एकाग्रता के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ अन्य अध्ययनों से यह भी पता चला है कि रोजमेरी मनोभ्रंश यानि कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित रोगियों के लिए फायदेमंद होती है।
कई अध्ययनों में यह भी पता चला है कि रोजमैरी के तेल की मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता हैं जिन लोगों का ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है उन्हें रोजमेरी के तेल की मालिश करने से हथेलियों और पैरों को गर्म करने में मदद मिलती है। यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो अपने हाथों और पैरों को अपेक्षाकृत ठंडा महसूस करते हैं। चूहों और जानवरों पर किए गए प्रयोगों ने संकेत दिया कि दौनी में एंटीथ्रॉम्बोटिक प्रभाव होता है जो रक्त के थक्कों को रोकने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।
रोजमेरी का उपयोग अरोमाथेरेपी में व्यापक रूप से किया जाता है। अध्ययन बताते हैं कि यह कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है जिससे तनाव दूर होता है। अन्य सुगंधित जड़ी-बूटियों जैसे कि लैवेंडर के साथ रोजमेरी का एक संयोजन तनाव को दूर करने में मदद करता है। अध्ययन यह भी बताते हैं कि जिसने इस तरीके को अपनाया उन्होंने तनाव के स्तर को कम महसूस किया साथ ही उनकी नींद सबंधी समस्याएं भी दूर हुई।