
Also Read
Diabetic Foot Ulcer treatment at home: हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या के कारण डायबिटीज के मरीजों को कई तरह की समस्याएं (complications due to high blood sugar level) हो सकती हैं। स्किन, आंखों, लिवर और किडनियों को नुकसान हो सकता है। डायबिटीज में मरीजों के नर्वस सिस्टम (nervous system damage) को भी नुकसान पहुंचता है। डायबिटीज में मरीजों के पैरों की नसों को भी नुकसान पहुंचता है। इससे पैरों में घाव होने का रिस्क भी बढ़ सकता है। हाई ब्लड शुगर लेवल की वजह से डायबिटीज मरीजों के घाव ठीक होने में भी समय लगता है। ऐसे में कई बार छोटी-मोटे चोटें और घाव ठीक होने में भी समय लग जाता है। इसी वजह से कई बार पुराने घावों में इंफेक्शन होने का रिस्क भी बढ़ जाता है और इससे अल्सर भी हो जाता है।
डायबिटीज में पैरों में होने वाली अल्सर की समस्या को डायबिटीक फुल अल्सर(Diabetic foot ulcer) नाम से भी जाना जाता है। यह समस्य काफी गम्भीर होती है और कुछ मामलों में पांव खऱाब होने तक की नौबत जाती है। डायबिटीक फुट अल्सर में इलाज के लिए डॉक्टरी मदद की जरूरत पड़ती है। वहीं, इसके साथ ही पैरों का ख्याल रखने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। यहां पढ़ें कुछ टिप्स जो डायबिटीज में मरीजों को डायबिटीक फुट अल्सर से बचने और पैरों को हेल्दी रखने में मदद कर सकती हैं।
पैरों से सूजन बढ़ना
पैरों में जलन और पैरों में झनझनाहट महसूस करना
पैरों की स्किन लाल या काली हो जाना और पैरों से दुर्गंध आना
एंटी-बैक्टेरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक और एंटी-माइक्रोबियल तत्वों से भरपूर होने के कारण एलोवेरा का इस्तेमाल घावों पर भी किया जाता है। फुट अल्सर होने पर एलोवेरा का लेप करने से काफी मदद होती है। आप एलोवेरा जेलको अल्सर वाली जगह पर लगा सकते हैं।
स्किन इंफेक्शन्स से राहत पाने के लिए शहद का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टेरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं जो स्किन को हील करने में मदद करते हैं। ये बैक्टेरिया और इंफेक्शन को खत्म करते हैं जिससे स्किन जल्दी से ठीक होती है। अल्सर वाली जगह पर आप शहद का लेप कर सकते हैं।
ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकने और डायबिटीक फुट अल्सर जैसी समस्याओं से बचने के लिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है। अपनी डाइट इस तरह प्लान कर सकते हैं-
मैग्नीशियम से घावों को भरने में मदद होती है। हरी पत्तेदार सब्जियां (केल, पालक) का सेवन करें।
राजमा, सोयाबीन और केला भी मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। अपने डाइटिशियन की सलाह के अनुसार इनका नियमित सेवन करें।
विटामिन बी12 वाले फूड्स खाने से भी अल्सर और घाव ठीक होते हैं। विटामिन बी12 के लिए आप सोयाबीन और सोया प्रॉडक्ट्स के अलावा दाल और बींस का सेवन कर सकते हैं।
फुट अल्सर को हील करने में कैफीन भी एक भूमिका निभाता है। आप अपने डायटिशियन की सलाह के अनुसार चाय और कॉफी का सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।