
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 27, 2023 5:39 PM IST
Patharchatta health benefits:आजकल शरीर में तरह-तरह की बीमारियां लगने लगी हैं और परिवार में कोई एक व्यक्ति ऐसा होता ही है जिसे कोई न कोई क्रोनिक बीमारी होती ही है। लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी भी होती हैं, जिनका इलाज कुछ घरेलू तरीकों से हो जाता है और जानकारी के अभाव में हम दवाओं में पैसा व्यर्थ करते रहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जिनमें किसी एक नहीं बल्कि कई बीमारियों का इलाज करने वाले गुण पाए जाते हैं और पत्थरचट्टा उनमें से एक है। आजकल पत्थरचट्टा ज्यादातर घरों में मिल जाता है, कुछ लोग इसे जमीन में तो कुछ लोग इसे गमले में लगाना पसंद करते हैं। ज्यादातर लोग घाव भरने या त्वचा की सूजन आदि को कम करने के लिए पत्थरचट्टे का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि पत्थरचट्टे का इस्तेमाल पथरी से लेकर खूनी दस्त तक कई बीमारियों का इलाज करने में मदद करता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में
पथरी के इलाज के लिए पत्थरचट्टा का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। कुछ अध्ययनों के अनुसार सुबह खाली पेट पत्थरचट्टा का जूस गुनगुने पानी के साथ लेने से किडनी स्टोन को निकालने में मदद मिलती है। साथ ही कुछ स्टडी में यह भी पाया गया है कि पत्थरचट्टा के पत्ते का जूस या फिर चूर्ण का सेवन करने से पित्त की पथरी को निकालने में भी मदद मिलती है।
दस्त के साथ खून आना एक गंभीर समस्या हो सकती है और यह आमतौर पर किसी प्रकार के बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के साथ होती है। पत्थरचट्टा में कई ऐसे खास तरह के तत्व पाए जाते हैं, जो बैक्टीरियल इन्फेक्श को खत्म करने में मदद करते हैं। साथ ही दस्त से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में भी पत्थरचट्टा का खाली पेट सेवन करना काफी फायदेमंद रहता है।
बढ़ते डायबिटीज के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए भी पत्थरचट्टा काफी फायदेमंद रहता है। सुबह खाली पेट पत्थरचट्टे का से सिर्फ एक या दो पत्ते चबाने से ही दिनभर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। पत्थरचट्टा में कई ऐसे खास प्रकार के तत्व पाए जाते हैं, जो बढ़ते ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
जोड़ों और हड्डियों में दर्द की समस्याओं को दूर करने के लिए पत्थरचट्टा का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। आयुर्वेद में इसे गठिया के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसका ज्यादा इस्तेमाल गठिया की स्थिति को और गंभीर भी बना सकता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इसके पत्तों का ज्यादा सेवन कैल्शियम के अवशोषण को रोक देता है, जिससे हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ सिर्फ शिक्षा के उद्देश्य से है, इसका किसी भी दवा या उपचार के वैकल्पिक रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। यदि आपको उपरोक्त में से कोई समस्या है और आप इस नुस्खे का इस्तेमाल करन चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करें