नीम के तेल से एक्जिमा के लक्षणों में मिलता है आराम, जानिए कैसे करें तेल का प्रयोग

एक्जिमा त्वचा से जुड़ा एक विकार है जिसमें संक्रमण के चलते त्वचा पर रेशेज और खुलजी होने लगती है. बीमानी गंभीर होने पर स्किन पपड़ीदार होकर फटती है और उसमें घाव हो जाते हैं. नीम का तेल इस बीमारी में काफी फायदेमंद माना जाता है.

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Written By: Atul Modi | Updated : November 28, 2022 7:01 AM IST

नीम सदियों से हमारे लिए आयुर्वेदिक और प्राकृतिक औषधि के रूप में फायदा करता रहा है. इसके एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण बॉडी से संक्रमण, चोट और विकार दूर करते हैं. नीम त्वचा से जुड़ी कई तरह की बीमारियों में फायदा करता है और उन्हीं में से एक त्वचा विकार है एक्जिमा. दरअसल, एक्जिमा त्वचा से जुड़ी ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा पर लाल लाल रेशेज और चकत्ते पड़ जाते हैं और उनमें बहुत खुजली होती है, साथ ही इस बीमारी में त्वचा फटने लगती है और उसमें पपड़ी जमने लगती है और दरारें भी आने लगती है. स्थिति क्रोनिक हो जाए तो इस संक्रमण में त्वचा पर फफोले भी पड़ जाते हैं जो काफी कष्टकारी साबित होते हैं.

यूं तो एक्जिमा से राहत पाने के लिए आपको बाजार में कई तरह के क्रीम और लोशन मिल जाएंगे. इसका मेडिकेशन के जरिए इलाज भी होता है लेकिन नीम का तेल एक बहुत ही आसान और प्रभावशाली नुस्खा है जिसके चलते एक्जिमा से राहत पाई जा सकती है.

नीम के तेल में टेनिन और फ्लेवोनाइड कंपोनेंट्स और लिपिड नामक तत्व होते हैं जो एक्जिमा से प्रभावित त्वचा को राहत देते हैं. इसके उपयोग से रूखी, पपड़ीदार त्वचा मुलायम होती है और त्वचा का संक्रमण ठीक होता है. नीम के तेल में खुजली और जलन शांत करने के गुण हैं और इसीलिए एक्जिमा से प्रभावित त्वचा पर यह बहुत असर करता है.

एक्जिमा के चलते कई बार त्वचा पर खुजली के बाद सूजन आ जाती है और नीम के तेल में मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन और जलन दूर करते हैं. इसके अलावा नीम में एंटी हिस्टामाइन तत्व होते हैं जो एलर्जिक रिएक्शन को कम करते हैं.

यानी देखा जाए तो नीम का तेल एक्जिमा में बहुत अच्छी तरह से राहत देता है. चलिए जानते हैं कि नीम के तेल को किस तरह एक्जिमा से राहत पाने के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है. आप चाहें तो नीम के तेल की कुछ बूंदे अपने नहाने के पानी में मिलाकर नहा सकते हैं. दूसरा तरीका ये है कि नीम की ताजा पत्तियों को किसी बर्तन में आधा घंटे के लिए उबाल लें. अब ठंडा होने पर छान लें और इस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें. इससे संक्रमण दूर होगा और स्किन को जरूरी नमी और पोषण भी मिलेगा.

नीम के तेल का स्नान

नीम के तेल या पत्तियों के रस को पानी में मिलाकर स्नान करने से त्वचा से संक्रमण दूर होता है और एक्जिमा में राहत मिलती है.

नीम के तेल के साथ हल्दी

एक्जिमा से राहत पाने के लिए नीम के तेल के साथ हल्दी मिलाकर लगाने से जल्दी लाभ होने की संभावना बनती है. इसके लिए नीम के तेल के अंदर थोड़ीसी पिसी हल्दी मिला लें और लेप बना लें. अब इसके अंदर थोड़ा सा कच्चा शहद मिलाकर मिक्स करें और एक्जिमा प्रभावित स्थान पर लगा लें. कुछ देर बाद जब ये सूख जाए तो इसे हल्के हाथों से साफ कर लें.

नीम और नारियल का तेल

नीम के तेल में नारियल का तेल मिलाकर लगाने से भी एक्जिमा के लक्षणों में राहत मिलती है. दरअसल नीम के तेल की तरह नारियल का तेल भी एंटी फंगल और एंटी इन्फ्लेमेंटरी गुणों से भरपूर है. ऐसे में जब एक्जिमा के चलते सूजन और जलन हो रही हो तो इन दोनों तेलों को मिलाकर लगाने से लाभ होता है.

ध्यान रखने योग्य बात: दरअसल नीम का तेल काफी तीखा होता है, इसे यूज करना चाह रहे हैं तो ध्यान रखें कि इसे सीधा ही स्किन पर ना लगाएं. इसे किसी अन्य दूसरे तेल या अन्य पदार्थ के साथ मिलाकर ही प्रभावित स्थान पर लगाना चाहिए.

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