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सरसों का तेल सदियों से भारतीय पाक कला का अहम हिस्सा रहा है। यह तेल न सिर्फ व्यंजनों का स्वाद बढ़ा देता है, बल्कि सेहत के लिए भी गुणकारी है। आयुर्वेद में इसे औषधि माना जाता है। सरसों के छोटे-छोटे दानों से निकलने वाले इस तेल के गुणों का उल्लेख अथर्ववेद और चरक संहिता जैसे प्राचीन ग्रंथों तक में मिलता है। खासतौर पर सर्दियों में इसका सेवन बहुत ही फायदेमंद रहता है। स्वस्थ वसा से भरपूर इस तेल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है, जिससे हृदय रोग का जोखिम कम होता है। कम कैलोरी के कारण यह वजन को भी अच्छे से नियंत्रित करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जिससे सूजन कम होती है। इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ ही यह तेल कई संक्रमणों से भी बचाता है।
सरसों का तेल कफ और वात दोष को कम करने में मदद करता है। हालांकि पित्त दोष से पीड़ित लोगों को इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार सरसों के तेल के नियमित सेवन से शरीर डिटॉक्स होता है। यह मृत कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में भी मददगार होता है। सरसों का तेल इतना गुणकारी होता है कि इसके औषधीय गुणों को प्राप्त करने के लिए प्राचीन रोम में इसे शराब में मिलाया जाता था।
स्वस्थ वसा शरीर के समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। अपने आहार में नियमित रूप से सरसों के तेल का सेवन करने से हमें यह आसानी से प्राप्त हो जाता है। हेल्दी फैट में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड होते हैं। ये दोनों ही हृदय को सेहतमंद रखने के लिए जरूरी होते हैं। पॉलीअनसैचुरेटेड वसा रक्तचाप को कम करने और सूजन को कम करने में भी मददगार है।
सरसों के तेल को एंटीऑक्सीडेंट का भंडार कहा जा सकता है। ये एंटीऑक्सीडेंट कई बीमारियों से लड़ने में शरीर की मदद करते हैं। इससे शरीर का प्राकृतिक रक्षा तंत्र अधिक सक्रिय हो पाता है। इस तेल में मौजूद तत्व ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने में मदद करते हैं।
सरसों का तेल सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। यह शरीर में हानिकारक मुक्त कणों को बेअसर करने में मददगार है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन रोधी के रूप में काम करते हैं। इससे आपकी कई परेशानियां दूर होती हैं।
सरसों का तेल शरीर को अंदर और बाहर दोनों से ही मजबूत बनाता है। इससे आपके बाल और त्वचा दोनों को पूरा पोषण मिलता है। इसके जीवाणुरोधी और मॉइस्चराइजिंग गुण बालों और त्वचा को चमकदार बनाते हैं। इसे मालिश और हेयर ट्रीटमेंट के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। सरसों के तेल की मालिश से बालों पर प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
1. सरसों के तेल का नियमित उपयोग आप खाना पकाने और खाना तलने में कर सकते हैं। इसमें बहुत कम कैलोरी होती हैं। इसी के साथ यह भोजन का स्वाद भी बढ़ाता है।
2. सर्दियों में गर्म तेल की मालिश करने के कई फायदे हैं। आयुर्वेद के अनुसार स्नान के बाद और सिर धोने से पहले गर्म सरसों के तेल की मालिश करना अच्छा रहता है। इससे त्वचा और बालों को भरपूर पोषण मिलता है।
3. सर्दियों में अक्सर नाक बंद होने की समस्या हो जाती है। ऐसे में सरसों का तेल नाक में लगाएं, आपको कुछ ही देर में राहत मिलेगी। प्राकृतिक डिकॉन्गेस्टेंट की तरह भी इसका उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए इसे हल्का गर्म करके लगाएं या फिर भाप लें।