गले के दर्द और खराश में बहुत फायदेमंद है मुलेठी, जानिए मुलेठी के अन्य लाभ

गले के दर्द और खराश मौसम बदलते वक्त होने वाली एक आम समस्या है। ये दोनों ही लक्षण कोरोना वायरस के भी है। गले की समस्या को दवाओं के बजाय आप मुलेठी से भी सही कर सकते हैं। जी हां, मुलेठी एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब है जो सेहत को कई तरह के लाभ देती है। मुलेठी, खांसी और गले में दर्द के लिए रामबाण नुस्खा है।

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : November 3, 2020 8:46 PM IST

गले के दर्द और खराश मौसम बदलते वक्त होने वाली एक आम समस्या है। ये दोनों ही लक्षण कोरोना वायरस के भी है। गले की समस्या को दवाओं के बजाय आप मुलेठी से भी सही कर सकते हैं। जी हां, मुलेठी एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब है जो सेहत को कई तरह के लाभ देती है। मुलेठी, खांसी और गले में दर्द के लिए रामबाण नुस्खा है। मुलेठी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज खांसी और गले के दर्द पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने के साथ ही हमें कई अन्य संक्रमणों से भी बचाती है। शोध से पता चलता है कि मुलेठी का सेवन दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने और रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए भी जाना जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि मुलेठी किस तरह खांसी और गले के दर्द से राहत दिलाती है। साथ ही हम मुलेठी के अन्य लाभ के बारे में भी जानेंगे।

गले के दर्द, खराश और खांसी के लिए

मुलेठी का सेवन गले के दर्द, खराश और खांसी में बहुत फायदेमंद है। मुलेठी एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुणों से लैस होती है जो हमें कई मौसमी संक्रमणों और कीट पतंगों से बचाती है। मुलेठी चेस्ट ब्लॉकेज, थिन म्युक्स और सांस की कमी को दूर कर राहत प्रदान करता है। मुलेठी की एंटीइंफ्लामेट्री प्रॉपर्टीज बंद गले और खांसी से तुरंत राहत दिलाती है। आप मुलेठी की डंडी को साबुत चबा कर भी इसका रस पी सकते हैं और इसे चाय में चालकर भी लिया जा सकता है।

जानिए मुलेठी के अन्य लाभ

  • आजकल मानसून का मौसम है, गर्मी के बाद अचानक से होने वाली ठंड सूखी खांसी और गले में दर्द होना आम बात हो जाती है। सूखी खांसी बलगम नहीं निकलता है। सिर्फ खांसी के साथ गले में दर्द होता है। ऐसी स्थिति में 1 चम्मच शहद के साथ आधा चम्मच मुलेठी का चूर्ण लेना फायदेमंद होता है।
  • मुलेठी एक पावरफुल जड़ी बूटी है, जो वजन कम करने में भी मदद करती है। इसके नियमित इस्तेमाल से आप अपना वजन भी कम कर सकते हैं। शरीर का बीएमआई इंडेक्स प्रभावित नहीं होता और बॉडी फैट कम हो जाता है। इसका सेवन करने से भूख कंट्रोल होने के साथ ही ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल होता है। वजन कम करना चाहते हैं, तो आप आप मुलेठी की चाय पिएं। यह किसी भी आयुर्वेदिक या जनरल स्टोर पर मिल जाएगी। चाय बनाने के लिए पानी में चीनी, चाय पत्ती के साथ ही मुलेठी की सूखी जड़ डालकर उबालें। इसे कुछ महीनों तक लगातार पीकर देखें।
  • मुलेठी दांतो को स्वस्थ और चमकदार बनाने में भी मदद करता है। ठंडी चाय के साथ मुलेठी डालकर इसका गरारा भी किया जा सकता है। मुलेठी की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ दांतों के दर्द, पीलेपन और सड़न से राहत दिलाती है।
  • मुलेठी मुंह के छालों से भी आराम दिलाती है। यदि आप अक्सर मुंह के छालों से परेशान रहते हैं, तो मुलेठी मूल के टुकड़े में शहद लगाकर चूसने से लाभ होता है। इसी दौरान आपकी खांसी और गले में दर्द भी समस्या भी दूर हो जाएगी।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source