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Mulberry for Throat Swelling and Lumps : गर्मियों में सिर्फ 1 महीने मिलने वाला शहतूत का फल सेहत के लिए काफी ज्यादा जबरदस्त होता है। आयुर्वेद में यह महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों वाले पौधों में से एक है, जिसका उपयोग कई तरह की दवाओं और इलाज के लिए किया जाता है। इसमें विभिन्न तरह के पोषक तत्व होते हैं। साथ ही इस फल विभिन्न प्रकार के कार्बनिक यौगिक शामिल है। मुख्य रूप से शहतूत में ज़िया-ज़ैन्थिन, एंथोसायनिन, फाइटो-पोषक तत्व, ल्यूटिन, रेस्वेराट्रोल और अन्य पॉलीफेनोलिक यौगिक होता है। नियमित रूप से शहतूत का सेवन करने से आपकी कई परेशानियों को कम किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शहतूत आपके गले में होने वाले छाले और गांठ के लिए भी प्रयोगी हो सकता है। जी हां, इससे आपकी परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है। आइए जानते हैं गले के छाले और गांठ में किस तरह फायदेमंद है शहतूत और किस तरह करें इसका सेवन?
शहतूत की पत्तियों और फलों में एंटी-इंफ्लेमेटरी, दर्द-निवारक और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले में छाले और गांठ को कम कर सकते हैं। अगर आप लंबे समय से टॉन्सिल से परेशान हैं, जिसकी वजह से खाने को निगलने और चबाने में दिक्कत होती है, तो आप शहतूत का सेवन कर सकते हैं। इससे काफी हद तक फायदेमंद हो सकता है।
गले में किसी तरह की परेशानी होने पर शततूत के फलों से आप शर्बत बनाकर पी सकते हैं। इसके लिए शहतूत को अच्छे से मैश कर लें, इसके बाद इसमें 1 गिलास पानी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। आप चाहे तो इसमें थोड़ी सी चीनी या फिर शहद को मिक्स करके पी सकते हैं।
गले में छाले और गांठ की परेशानी को कम करने के लिए शहतूत के पत्तों का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है। इसका सेवन करने के लिए 10 से 15 शहतूत की पत्तियां डाल लें। इसके बाद इसे करीब आधा होने तक उबाल लें। अब इसे छानकर पी सकते हैं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।