मानसून में बढ़ जाती हैं टाइफाइड और अन्य जलजनित बीमारियां, आज़माएं ये 4 घरेलू नुस्खे

बरसात में दूषित पीने की वजह से भी कई प्रकार की बीमारियां इस मौसम में होने लगती हैं। इन बीमारियां से पीड़ित लोगों को दवाइयों के साथ कुछ घरेलू नुस्खों का भी सेवन करना चाहिए। (Home Remedies for Monsoon Diseases) जिनके बारे में हम लिख रहे हैं यहां-

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 21, 2020 5:49 PM IST

Monsoon Diseases: बरसात का मौसम कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। जैसा कि बरसात में मच्छरों की तादाद  बढ़ने लगती है जिसकी वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया जैसी बीमारियां बढ़ने लगती हैं। वहीं दूषित पीने की वजह से भी कई प्रकार की बीमारियां इस मौसम में होने लगती हैं। टायफाइड, हेपेटाइटिस, डायरिया और फूड पॉयज़निंग जैसी बीमारियां पानी की वजह से होती हैं, जो बरसात में काफी आम हैं। इन बीमारियां से पीड़ित लोगों को दवाइयों के साथ कुछ घरेलू नुस्खों का भी सेवन करना चाहिए। (Home Remedies for Monsoon Diseases) जिनके बारे में हम लिख रहे हैं यहां-

बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों के घरेलू उपचार:

तुलसी

टायफॉइड की वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ये दोनों ही समस्याएं टायफॉइड के प्रारंभिक लक्षण हैं। तुलसी के सेवन से जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत मिलती है। तुलसी के एंटीबैक्टेरियल तत्व बैक्टेरियल इंफेक्शन से राहत दिलाते हैं। अपनी चाय में तुलसी की कुछ पत्तियां डालें या सुबह तुलसी का काढ़ा पीएं। अदरक के रस के साथ तुलसी का रस और शहद मिलाकर पीना भी फायदेमंद माना जाता है। (Tulsi Benefits)

लहसुन

लगभग हर भारतीय किचन में लहसुन इस्तेमाल होता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीबैक्टेरियल तत्वों से भरपूर होता है। तो टायफाइड के लिए एक अचूक घरेलू नुस्खा साबित होता है।  (Home Remedies for Monsoon Diseases) लहसुन के सेवन से इम्यूनिटी भी बड़ती है। साथ ही यह बॉडी डिटॉक्स भी करता है। रोज़ाना दो बार गुनगुने पानी के साथ लहसुन का सेवन करें। इसके लिए लहसुन की कलियों को कुचलकर इसका पेस्ट बनाएं और 5 मिनट तक के लिए इसे गर्म पानी में मिलाकर रखें। 5 मिनट बाद इस पानी को छान लें और पी जाएं।  (Health Benefits of Garlic)

उबला हुआ सेब

पका हुआ या उबला हुआ सेब खाना भी जलजनित बीमारियों से ठीक होने में सहायता करता है। उबालने के बाद सेब में मौजूद सेल्युलोज नर्म बन जाते हैं। जिन्हें पचाना आसान हो जाता है। डायरिया के लिए यह एक स्टॉन्ग घरेलू नुस्खा है। बैक्टेरिया और वायरसेस की वजह से कॉन्स्टिपेशन, बाउल मूवमेंट और लूज़ मोशन जैसी परेशानियां होने पर उबले हुए सेब का सेवन आपको फायदा पहुंचाता है। साथ ही सेब में मौजूद स्टार्ट कॉन्स्टिपेशन से बचाता है। (Apple for Monsoon DIseases)

पुदीने का रस

पेट के लिए आयुर्वेदिक औषधि है पुदीने की पत्तियां। साथ ही डायरिया जैसी समस्याओं को जल्द ठीक करती हैं। एक चम्मच पुदीने का रस, एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू के रस के साथ मिक्स करें। इसे दिन में 3 बार लें।   ( waterborne diseases home remedies)

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