
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : December 20, 2023 10:32 AM IST
Leaf to chew to lower blood pressure in hindi: ठंड का मौसम आते ही कई प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है और इन बीमारियों में सिर्फ सर्दी, खांसी व जुकाम जैसी बीमारियां नहीं बल्कि हाई ब्लड प्रेशर जैसी क्रोनिक बीमारियां भी शामिल हैं। हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर क्रोनिक बीमारी यानी दीर्घकालिक बीमारी है। हाई बीपी को इसलिए गंभीर बीमारियों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियां होने के खतरे को बढ़ा सकती है। सर्दियों के मौसम में धमनियां व रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिस कारण से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ने का यह भी एक कारण हो सकता है। हालांकि, सिर्फ दवाएं ही नहीं बल्कि कुछ घरेलू साधारण से नुस्खे भी हैं, जो आपके ब्लड प्रेशर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए वैसे तो कई अलग-अलग तरह के नुस्खे मौजूद हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर को तैयार करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। जबकि एक खास पत्ता चबाकर भी आपको अपना हाई ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिल सकती है। यह पत्ता कोई और नहीं बल्कि तुलसी का ही पत्ता है, जिसके रोजाना एक दो पत्ते चबाना ही हाई बीपी को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
कई रिसर्चों में भी यह दावा किया जा चुका है कि तुलसी के पत्ते में मौजूद युगेनॉल कैल्शियम चैनल को ब्लॉक करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। साथ ही तुलसी के पत्ते में मौजूद मैग्नीशियम शरीर मे जाकर मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को शिथिल बना देता है यानी उन्हें रिलैक्स करता है, जिससे ब्लड फ्लो सुधरता है और ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलती है।
वैसे तो तुलसी के पत्ते को आप किसी भी समय चबा सकते हैं या फिर अपने खाने, सलाद या पानी में मिक्स करके इसका सेवन कर सकते हैं। लेकिन हाई ब्लड प्रेशर से परेशान मरीजों को रोजाना खाली पेट इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो ब्लड प्रेशर लेवल को कम करने में आपकी काफी मदद कर सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक समेत कई जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकता है और इसलिए सिर्फ घरेलू नुस्खों पर ही निर्भर न रहें, बल्कि डॉक्टर से भी नियमित रूप से इस बीमारी से जुड़ी सलाह लेते रहें। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं को समय पर लेते रहें और उनके सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पालन करें। अगर आप किसी घरेलू नुस्खे को आजमाना चाहते हैं, तो इश बारे में भी एक बार डॉक्टर से बात कर लें, ताकि यह आपके द्वारा ली जा रही दवाओं के साथ किसी तरह का रिएक्शन न करे।