
... Read More
Written By: Pallavi Kumari | Published : May 8, 2022 3:24 PM IST
महिलाओं का पेल्विक एरिया जिसमें कि ब्लैडर, यूटेरस, वजाइना और रेक्टम आता, बहुत ही सेंसिटिव होता है। दरअसल, ये फर्टिलिटी से लेकर प्रेग्नेंसी तक में एक बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए इन अंगों को हेल्दी रखना बेहद जरूरी है। अब बात सिर्फ बच्चेदानी या यूटेरस (uterus) की करें तो, समय के साथ इसी सेहत में बदलाव आते रहते हैं। साथ ही इससे जुड़ी कई सारी समस्याएं होती है। ऐसी एक समस्या है बच्चेदानी का बढ़ना (enlarged uterus)। इसमें यूटरेस बढ़ने लगता है और कई बार नीचे की ओर खिसकने लगता है। इसकी वजह महिलाओं को कई समस्याएं होती हैं। जैसे कि वो हीप निकाल कर चलती हैं और उनके कुल्हों में दर्द होता है। शरीर के निचले भाग में ज्यादा सूजन रहती है और ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या बहुत ज्यादा रहती है। तो, आइए सबसे पहले जानते हैं इसका कारण और फिर जानेंगे इसे नेचुरल तरीके से कम कैसे किया जाए (How to reduce enlarged uterus naturally in hindi)
बच्चेदानी बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण की बात करें तो इसमें शामिल है बहुत सारी प्रेग्नेंसी गुजरना जिससे बच्चेदानी की मांसपेशियां ढीली हो जाती है। उसके अलावा उम्र का बढ़ना जिसकी वजह से शरीर के टिशूज और मांसपेशियां कमजोर हो जाते हैं और बच्चेदानी अपनी जगह से खिसक कर नीचे आने लगता है। इसके अलावा बच्चेदानी बढ़ने के दूसरे कारणों में शामिल हैं
-फाइब्रॉएड के कारण
-एंडोमेट्रियल कैंसर
- पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD)
-यूटरेस की लाइनिंग का मोटा होना (Adenomyosis)
-प्री मेनोपॉज के कारण जिसमें कि हार्मोनल असंतुलन बढ़ जाता है।
कीगल एक्सरसाइजखासतौर पर महिलाओं के लिए होती है जो कि उनके निचले हिस्से के मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है। ये पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों और ऊतकों को आराम पहुंचाती है और इसे कसने में मदद करती है ताकि बच्चेदानी नीचे ना खिसकने लगे।
साइकलिंग करना महिलाओं के पेल्विक एरिया को मजबूत करने में मदद करती है। इससे आपके पैर मजबूत होते हैं और कुल्हों का दर्द ठीक करने में मदद मिलती है। साथ ही इससे आपका पॉश्चर भी सही रहता है जिससे कि आपकी मांसपेशियां आपके यूटरेस को सही जगह पर बनाए रखते हैं।
उम्र बढ़ने के साथ जरूरी ये है कि आप कैल्शियम से भरपूर आहार पर ध्यान दें। साथ ही कब्ज की समस्या से बचने के लिए फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करें। इसके लिए आप आंवला, शहतूत और करौंदा जैसी चीजों को खाएं। इसके अलावा रागी और रफेज से भरपूर चीजों का सेवन करें।
कब्ज बनता तो हम अपने पेल्विक एरिया पर जोड़ डालते हैं और यही महिलाओं में बच्चेदानी को और नीचे खिसका सकता है। ऐसे में जब बच्चेदानी बढ़ा हुआ हो तो इसे करने से बचें। इसकी जगब कब्ज दूर करने के दूसरे तरीकों को अपनाएं। जैसे कि पानी पिएं, भूखी पिएं और फाइबर से भरपूर आहार लें।