दिल्ली के बढ़ते पॉल्यूशन में खुद को बीमार होने से कैसे बचाएं? 3 घरेलू नुस्खे करेंगे सेहत का बचाव

Delhi Ke Pollution Se Kaise Bache: अगर आपके घर में भी लोग पॉल्यूशन की वजह से बीमार पड़ रहे हैं तो आज ही इन तीन घरेलू उपायों को आजमाएं। यह इम्यूनिटी बूस्ट कर उनसे शरीर को स्ट्रांग बनाएंगे।

दिल्ली के बढ़ते पॉल्यूशन में खुद को बीमार होने से कैसे बचाएं? 3 घरेलू नुस्खे करेंगे सेहत का बचाव

Written by Vidya Sharma |Published : October 29, 2025 4:46 PM IST

Pradushan Se Khud Ko Kaise Bachaye: दिल्ली में पॉल्यूशन इतना बढ़ गया है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 210 के गंभीर स्तर तक पहुंच गया है। ऐसे में हम में से कई लोग जुकाम, खांसी, आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और गले के इंफेक्शन जैसी समस्याओं से परेशान हैं। यह सब चीजें पॉल्यूशन की वजह से हो रही हैं, लेकिन आप इनसे खुद भी बच सकते हैं और अपने परिवार वालों को भी बचा सकते हैं।

जी हां, आज हम आपको ऐसे ही 3 असरदार नुस्खों के बारे में बताने वाले हैं जो पॉल्यूशन और हवा में बढ़ती ठंड के कारण होने वाले बीमारियों से आपको बचाने में मदद करेंगे। ये तीनों ही नुस्खे घरेलू व नेचुरल हैं, यानी कि आपको किसी भी तरह का साइड इफेक्ट होने का डर बिठाने की जरूरत नहीं है। आप बस सभी या तीन में से कोई एक नुस्खा आजमाना शुरू करें और फिर देखें कैसे आपकी हेल्थ अच्छी होती है।

रोज पीना शुरू करें कच्ची हल्दी और तुलसी की चाय

आप खुद को हेल्दी रखने के लिए और पॉल्यूशन के कारण होने वाली बीमारियों से खुद को बचाने के लिए कच्ची हल्दी और तुलसी की चाय पी सकते हैं। एक ओर जहां कच्ची हल्दी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक और करक्यूमिन, बीटा-कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, जिंक, पोटेशियम और फ्लेवोनोइड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। 

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तो वहीं तुलसी में कूलिंग एजेंट, विटामिन सी, ए, के और बी-कॉम्प्लेक्स जैसे विटामिन्स, कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे खनिज व एंटीऑक्सीडेंट, सूजन-रोधी, तनाव कम करने और पाचन में सुधार करने वाले तत्व भी पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होते हैं। यह इम्यूनिटी को तेजी से बूस्ट करने और हमें जल्दी बीमार होने से रोकते हैं। 

कैसे बनाएं तुलसी और कच्ची हल्दी की चाय

आप 1 गिलास पानी को पैन में डालकर गैस में चढ़ा दें और उसमें 1 इंच करीब कच्ची हल्दी का टुकड़ा लें और 5-6 तुलसी की पत्तियां डालकर अच्छे से पका लें। जब पानी आधा गिलास जितना रह जाए तो गैस बंद कर दें और इसे धीरे-धीरे पिएं। ये आम सी चाय आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करने और बीमारियों को दूर रखने में मदद करेंगी।

अर्जुन की छाल का काढा

अर्जुन की छाल में एक नहीं बल्कि कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे कि टैनिन, फाइटोकेमिकल्स, फ्लेवोनोइड्स आदि। यह सभी इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, हार्ट को हेल्दी रखने और गट को क्लीन करने में मदद करते हैं। आप रोजाना अदरक, तुलसी, काली मिर्च और अर्जुन की छाल को पानी में उबालकर पॉल्यूशन से बचाने वाला काढ़ाबना सकते हैं।

डाइट में रखें रखें कोई भी कमी

जी हां, आप शरीर हेल्दी तब रहता है जब आप उसे पोषण दे रहे होते हैं, वरना अगर शरीर जब पोषण नहीं मिलता है तो वह जल्दी-जल्दी बीमार होने लगता है। इसलिए आप बाहर का खाने के बजाय घर का हेल्दी खाना खाएं और फ्रूट्स का सेवन करें। साथ ही समय समय पर नट्स और जूस भी पीते रहें। 

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Highlights

  • शरीर में पोषण की कमी से हम जल्दी बीमार हो जाते हैं।
  • पॉल्यूशन से होने वाली बीमारियों से बचने का तरीका है कि आप इम्यूनिटी को बूस्ट करें।
  • इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए कच्ची हल्दी, तुलसी, काढ़ा आदि का सहारा लें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

बदलते मौसम में दूध में क्या मिलाकर पीना चाहिए?

बदलते मौसम में आप दूध में हल्दी और दालचीनी मिलाकर पी सकते हैं। इससे शरीर की इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है।

बदलते मौसम में इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं?

बदलते मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आपको विटामिन सी और प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए।

क्या मसाले इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं?

जी हां, मसाले शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आप लहसुन, अदरक, लौंग, सौंफ, काली मिर्च आदि का सेवन कर सकते हैं।

मानसून में इम्यूनिटी क्यों कमजोर हो जाती है?

मानसून में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से पाचन-तंत्र कमजोर हो जाता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।