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Bawasir Dard Kare to Kya Kare: सर्दियों के मौसम में कई बार पुरानी चोट भी अकड़ जाती है और ऐसे में बवासीर का इस मौसम में टिक पाना बहुत मुश्किल है। ठंड का मौसम आते ही बवासीर के मरीजों को ज्यादा परेशानी होने लगती है। क्योंकि ठंड के कारण त्वचा ज्यादा अकड़ने लगती है और इसलिए बार-बार फुंसी में क्रैक आने लगते हैं। टॉयलेट सीट पर बैठते ही दर्द शुरु होता है और मल के साथ खून आने लगता है। लेकिन मौसम के अनुसार हो रहे इस दर्द को कम करने के लिए कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं। ये तरीके इसका जड़ से इलाज तो नहीं कर पाते, लेकिन अगर आप इन्हें सही तरीके से करते हैं तो दर्द को काफी हद तक कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकते हैं। जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं।
मल त्याग करने से पहले अगर आप गुनगुने पानी में बैठते हैं, तो उससे बवासीर की फुंसी के आसपास की त्वचा नरम पड़ जाती है और फुंसी की अकड़न भी खत्म हो जाती है। ऐसा करने से मल त्याग के दौरान होने वाले तीव्र दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए आप किसी छोटे टब का इस्तेमाल कर सकते है और इस प्रक्रिया को सिट्ज बाथ भी कहा जाता है।
(और पढ़ें - क्या खाने से बवासीर दर्द कम होता है।)
सर्दियों में बवासीर की फुंसी वाले हिस्से को सूखा न रहने दें। मल त्याग के बाद, नहाने के बाद और दिन में एक या दो बार फुंसी के ऊपर व उसके आसपास नारियल तेल लगाते रहें। ऐसा करने से अकड़न नहीं हो पाएगी और साथ ही नारियल तेल एंटीमाइक्रोबियल गुण इंफेक्शन आदि होने से रोकने में भी मदद करेंगे।
(और पढ़ें - बवासीर में केला और कपूर खाने के फायदे)
बवासीर के मरीज को डाइट पर खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है और मसालेदार खाना जिसमें ज्यादा मिर्च, नमक या अन्य मसालों का इस्तेमाल किया गया हो ऐसा खाना खाने की सलाह नहीं दी जाती है। ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में उबली व कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज के फूड्स शामिल करें। ताकि आपका मल पतला रहे और इम्यूनिटी भी मजबूत रहे।
बवासीर के मरीजों के लिए पाचन क्रिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और अगर आपकी पाचन क्रिया ठीक है तो बवासीर के गंभीर होने का एक बड़ा खतरा टल सकता है। इसलिए सर्दियों में ठंडे पानी की बजाय गुनगुना पानी पिएं जिससे पाचन क्रिया अच्छी बनी रहेगी और कब्ज की समस्या भी नहीं होगी। साथ ही गुनगुना पानी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।
बवासीर के मरीज अगर फुंसी के कारण हो रही इन कॉम्प्लिकेशन्स को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो उनके लिए यह भी जरूरी है कि वे शराब, सिगरेट, बीडी, हुक्का या किसी भी तरह का नशा करते हैं, तो उसे तुरंत बंद कर दें। ये नशे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बनाते हैं, जिससे घाव भरने में दिक्कत आती है। साथ ही इनसे शरीर में पानी की कमी होती है, जो कब्ज जैसी समस्याओं का कारण बनता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।