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बच्चों में हार्मोनल बदलाव से रुक सकता है उनका विकास, इन घरेलू उपायों से करें इसका इलाज

Hormonal Changes Affect Child Development  : बच्चों के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से उनका विकास रुक सकता है। आइए जानते हैं कैसे कें उनकी समस्या को कम?

बच्चों में हार्मोनल बदलाव से रुक सकता है उनका विकास, इन घरेलू उपायों से करें इसका इलाज

Written by Kishori Mishra |Published : July 27, 2023 12:15 PM IST

Hormonal Changes Affect Child Development  : हम जब भी हार्मोन के बारे में सोचते हैं, तो अधिकतर समय हमारे दिमाग में पुरुष और महिलाओं का हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन के बारे में ही ख्याल आता है। हालांकि, इन दो हार्मोन के अलावा हमारे शरीर में कई अन्य हार्मोन होते हैं, जो समय के साथ-साथ बदलते रहते हैं। हार्मोन एक बच्चे का विकास पैटर्न गर्भाशय जीवन से लेकर यौवन के अंत तक बदलता रहता है।

हार्मोन में बदलाव का यह वेग गर्भाशय में सबसे अधिक होता है और जन्म के बाद यौवन तक कम हो जाता है और फिर से बढ़ जाता है। बच्चों के बेहतर विकास के लिए ग्रोथ हार्मोन बेहद जरूरी होते हैं, जिसमें सेक्स स्टेरॉयड और थायराइड हार्मोन हैं। अगर बच्चों के विकास के दौरान हार्मोन में बदलाव काफी ज्यादा होने लगे, तो इससे उनके विकास में खलल डाल सकती है। इसलिए हार्मोनल बदलाव की स्थिति में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं बच्चों के हार्मोनल बदलाव के दौरान क्या करें?

क्या प्रभाव डालता है हार्मोनल बदलाव?

लगभग 11 साल की उम्र के बाद से बच्चों के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव देखे जाते हैं, जिसके कारण उनके मूड, भावनाओं और आवेगों के साथ-साथ उनके शरीर पर कई तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं। इस दौरान मूड में बदलाव एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन-सेक्स हार्मोन में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा हो जाता है। ऐसे में उनका विशेष ध्यान रखें।

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हार्मोनल बदलाव के लिए क्या करें?

नारियल का तेल

नारियल के तेलमें फैटी एसिड होते हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित  हो सकते हैं। यह हार्मोन के लिए बिल्डिंग ब्लॉक प्रदान करते हैं। हार्मोनल बदलाव की वजह से होने वाली आंतरिक सूजन को कम करने में फैटी एसिड मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही इससे मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करने में मदद मिलती है, जो मूड स्विंग की समस्या को कम कर सकता है। 

एवोकाडो

एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड, पॉलीअनसेचुरेटेड और संतृप्त फैटी एसिड होता है। इन फैटी एसिड में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो हार्मोनल असंतुलन का इलाज करने में मददगार साबित हो सकते हैं। नियमित रूप से एवोकाडो का सेवन करने से 

नियमित रूप से एवोकाडो का सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। यह हार्मोनल असंतुलन के कारण कम या ज्यादा हुए वजन को भी कंट्रोल कर सकता है। 

अश्वगंधा

अश्वगंधाएडाप्टोजेनिक जड़ी-बूटियों में से एक है, जो हार्मोनल असंतुलन से निपटने में मददगार हो सकता है। अश्वगंधा में थायराइड हार्मोन गतिविधि को उत्तेजित करके थायराइड हार्मोन असंतुलन का भी इलाज किया जा सकता है। हालांकि, अश्वगंधा बच्चों को देने से पहले एक बार डॉक्टर से उचित सलाह जरूर लें। 

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बच्चों में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से उन्हें कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं को कम करने के लिए डॉक्टर से उचित परामर्श जरूर लें।