
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 23, 2022 10:33 AM IST
जल्दी-जल्दी या बार-बार पेशाब करने के लिए बाथरूम जाने की जरूरत कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है। क्योंकि, एक्सपर्ट्स के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में 4 से 10 बार बाथरूम जाता है लेकिन अगर इससे अधिक बार उसे पेशाब करने के लिए बाथरूम जाना पड़े तो उसे इस तरफ ध्यान देना चाहिए। बार-बार पेशाब आने के कई कारण हो सकते हैं जैसे किसी प्रकार का इंफेक्शन, डायबिटीज, पेट में जलन या कुछ ऐसी चीजों का सेवन जो पेट के लिए नुकसानदायक हों।यहां इस लेख में आप पढ़ सकेंगे कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में जो बार-बार पेशाब आने की समस्या से आराम दिला सकते हैं।
नारियल पानी एक नेचुरल डायूरेटिक या मूत्रवर्धक ड्रिंक है। यह उन लोगों के लिए अधिक लाभाकारी है जो लोग किसी इंफेक्शन की वजह से बार-बार पेशाब करते हैं। नारियल पानी पीने सेयूटीआई के लक्षणों से राहत मिलती है और पेशाब करते समय होने वाली जलन से भी राहत मिलती है।
पेशाब से जुड़ी समस्याएं किडनी से जुड़ी हुई होती हैं और किडनी के डिटॉक्सीफिकेशन के लिए अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसीलिए, बार-बार पेशाब की समस्या होने पर अधिक मात्रा में पानी पीएं। दिनभर में 2से 3 लीटर पानी पीने से यूटीआई जैसी परेशानियों से आराम मिलता है। पानी के अधिक सेवन के लिए नींबू पानी, फ्लेवर्ड वॉटर , नारियल पानी और सब्जियों का जूस भी पी सकते हैं।
लहसुन में कई एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो इंफेक्शन बढ़ाने वाले बैक्टेरिया को खत्म करते हैं जिससे यूटीआई और अन्य परेशानियों से आराम मिलता है। इस घरेलू नुस्खे का सेवन यूरीन करते समय होने वाली जलन और इंफेक्शन जैसी परेशानियों से आराम पाने के लिए किया जाता रहा है।
सब्जियों और फलों में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो पेशाब से जुड़ी समस्याओं को कम कर सकते हैं। ककड़ी, पुदीना, टमाटर और लौकी जैसे फलों-सब्जियों का जूस बनाकर पीने से ना केवल शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद होगी बल्कि, इससे हाइड्रटेडे रहने में भी सहायता होती है वहीं, यूरीन से जुड़ी परेशानियों से भी आराम मिलता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी और घरेलू नुस्खों से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)