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Written By: Anshumala | Updated : July 9, 2021 12:50 AM IST
फर्स्ट और सेकेंड डिग्री बर्न को इन 4 आसान घरेलू उपायों से करें ठीक....
Home Remedies for first degree Burns: शरीर के किसी भी भाग का जल जाना (Burn) बहुत बुरा अहसास देता है। गलती से चाय/कॉफी हाथ-पैर पर गिर जाए, किचन में काम करते समय गर्म तेल के छींटे उंगलियों पर पड़ जाए या फिर धूप में देर तक रहने से त्वचा जल जाए, तो जलने की समस्या दर्द भरी ही होती है। त्वचा का जलना(Skin Burn) बहुत ही कॉमन इंजरी है, जो घरों में अक्सर बच्चों, महिलाओं के साथ होता है। बर्न्स या जलने को भी उसकी गंभीरता के अधार पर विभाजित किया जाता है।
जलने की समस्या को फर्स्ट-डिग्री बर्न (first degree Burns), सेकेंड-डिग्री बर्न्स (Second degree Burns), थर्ड-डिग्री बर्न्स (Third degree Burns) और फोर्थ-डिग्री बर्न्स (Fourth degree Burns) में विभाजित किया गया है। इसमें थर्ड और फोर्थ-डिग्री बर्न्स को गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसका इलाज घर पर नहीं किया जा सकता है। इसके लिए आपको हॉस्पिटल जाने की जरूरत पड़ती है। फर्स्ट-डिग्री बर्न बहुत ही कॉमन और बेहद ही कम गंभीर होता है। इसमें त्वचा की बाहरी परत प्रभावित होती है। सेकेंड-डिग्री बर्न में त्वचा की डीपर लेयर प्रभावित होती है और जलने पर त्वचा का लाल हो जाना, फफोले बनना, चमड़ी का गीला और सफेद नजर आने की समस्या शुरू होती है। थर्ड-डिग्री बर्न में त्वचा की सभी परतें क्षतिग्रस्त और प्रभावित हो जाती हैं। फोर्थ-डिग्री बर्न होने पर ज्वाइंट्स और हड्डियों को भी नुकसान पहुंचता है। फर्स्ट और सेकेंड डिग्री बर्न को आप घर पर भी कुछ घरेलू उपायों (Best home remedies for burns in Hindi) से ठीक कर सकते हैं। हालांकि, जब 3 इंच से अधिक डायमीटर में स्किन जली हो, तो घर पर इलाज करने से बचना ही चाहिए।
कच्चे आलू को मिक्सी में पीसकर उसका रस निकाल लें। आलू में मौजूद एंटी-इर्रिटेटिंग, सूदिंग प्रॉपर्टीज होते हैं, जो जलने के घाव को तुरंत भर देते हैं (Home Remedies for first degree Burns)। उसे अच्छा कर देते हैं। कॉटन की मदद से जलन वाले भाग पर आलू का रस लगाएं। फफोले नहीं होंगे, जलन और दर्द भी होगा कम।
शहद लगाने से भी जलने पर दर्द, जलन, फफोलों के बनने से रोका जा सकता है। एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर शहद त्वचा के घाव को जल्दी भर देती है। जलने के बाद त्वचा पर होने वाले निशान को भी कम कर सकता है।
व्हाइट सिरके में एस्ट्रिजेंट, एंटीसेप्टिक तत्व मौजूद होते हैं, जो जलने वाले में होने वाले जलन, लालपन, दर्द, फफोले होने की संभावना को कम करते हैं। इसके लिए आपको व्हाइट वेनेगर और सेब के सिरके को बराबर मात्रा में पानी में मिलाना है। इसे फिर प्रभावित भाग पर लगाएं। जल्द ही आपको आराम मिल सकता है।