
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 13, 2020 6:49 PM IST
गठिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें हाथ पैरों में दर्द और सूजन आना आम बात हो जाती है। वैसे तो गठिया के कई रूप होते हैं। जिसमें से ऑस्टियोआर्थराइटिस सबसे आम रूप है। गठिया के कुछ सामान्य लक्षणों में जोड़ों का दर्द, सूजन और ऐंठन शामिल है। ये लक्षण उम्र के साथ बिगड़ सकते हैं और बढ़ सकते हैं। गठिया एक दर्दनाक स्थिति है जो आपके दिन-प्रतिदिन के कामकाज को प्रभावित कर सकती है। अगर आप इस रोग के लिए डॉक्टर द्वारा बताई ले रहे हैं तो वह भी ठीक है, लेकिन आज हम आपको जो घरेलू नुस्खे बता रहे हैं आप उन्हें भी ट्राई कर सकते हैं। इनके कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। आयुर्वेद में हल्दी को एक ऐसी जड़ी बूटी कहा गया है जो सेहत को कई रोगों से बचाती है। हल्दी कें भरपूर मात्रा में एंटी इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज होती हैं। साथ ही हल्दी में मौजूद करक्यूमिन भी सेहत के लिए अच्छा होता है। अर्थराइटिस के मरीजों के लिए हल्दी रामबाण कही जाती है। बेहतर परिणाम के लिए आपको ताजी हल्दी का उपयोग करना चाहिए।
नीलगिरी के पत्ते गठिया के दर्द से लड़ने में मदद कर सकते हैं। इन पत्तियों में टैनिन होता है जो सूजन और दर्द को कम कर सकता है। नीलगिरी के पत्तों का उपयोग करने से पहले आपको पहले पैच टेस्ट लेना चाहिए। नीलगिरी के तेल का उपयोग सर्दी और ब्रोंकाइटिस के उपचार के रूप में भी किया जाता है।
स्वाद में कड़वा और स्पाइसी होने वाला अदरक अपने आप में कई रोगों का काल होता है। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भी भरपूर होता है। अदरक की चाय नियमित रूप से पीने से रोग धीरे धीरे कम होता है और दर्द में भी कमी आती है। इसके अलावा अदरक गले में खराश, खांसी और पेट में एसिड बनने की क्षमता को भी कम करता है।
वेट लॉस ड्रिंक के रूप में ग्रीन टी का व्यापक रूप से सेवन किया जाता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट से भरा होता है। ग्रीन टी की एंटी इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टीज गठिया में होने वाली सूजन को कम करती है। एक दिन में 2-3 कप ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है।
एलोवेरा स्किन पर निखार और चमक तो लाता ही है साथ ही यह अर्थराइटिस में भी लाभकारी होता है। एलोवेरा के पौधे से निकाले गए ताज़े जैल का उपयोग घर के बने फेस पैक को तैयार करने के लिए किया जा सकता है या इसे सीधे स्किन पर भी लगाया जा सकता है। एलोवेरा का उपयोग गठिया के दर्द से भी राहत दिलाता है।