जोड़ों में छुपा बैठा यूरिक एसिड बढ़ा देगा इन 5 बीमारियों का खतरा, यूरिक एसिड को बॉडी से बाहर फेंक देंगे ये नुस्खे

पढ़ें ऐसी ही बीमारियों के बारे में जो यूरिक एसिड की वजह से हो सकती हैं। साथ ही जानें यूरिक एसिड कम करने के कुछ घरेलू उपाय भी।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 11, 2024 12:08 AM IST

High Uric Acid Side Effects: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण लोगों का स्वास्थ्य पर इसका खराब असर पड़ सकता है। वहीं खान-पान से जुड़ी लापरवाही और कसरत ना करने जैसी आदतों के कारण यूरिक एसिड बनने की समस्या और भी गम्भीर होने लगती है। आमतौर पर जब शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है तब जो समस्याएं सबसे पहले दिखायी देती हैं उनमें जॉइंट पेन, पैरों की उंगलियों के छोटे-छोटे जोड़ों में दर्द होने, सूजन और एड़ियों में दर्द होने जैसी परेशानियां होने लगती हैं। वहीं, लम्बे समय तक यूरिक एसिड बनने की स्थिति में कुछ गम्भीर और क्रोनिक बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है। इस लेख में पढ़ें ऐसी ही बीमारियों के बारे में जो यूरिक एसिड की वजह से हो सकती हैं। साथ ही जानें यूरिक एसिड कम करने के कुछ घरेलू उपाय भी।

शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण

प्यूरीन नाम का एक प्रोटीन जब अधिक मात्रा में आपके शरीर में जमा होने लगता है तो इससे यूरिक एसिड बनने लगता है।  खाने-पीने की कुछ चीजों से प्यूरीन का स्तर शरीर में बढ़ जाता है। वहीं, जिन लोगों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है या जो लोग कसरत नहीं करते उनके शरीर में प्यूरीन का लेवल तेजी से बढ़ता है। आमतौर पर किडनियां शरीर में जमा प्यूरीन को फिल्टर कर शरीर से बाहर निकाल देती हैं लेकिन, अगर प्यूरीन का लेवल अधिक हो तो यह पूरी तरह से साफ नहीं हो पाता। यह बचा हुआ यूरिक एसिड जॉइंट्स वाली जगहों पर जमा होने लगता है। यह हार्ट के अलावा लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचाता है और उनसे जुड़ी बीमारियों का रिस्क बढ़ा देता है।

यूरिक एसिड से बढ़ता है इन बीमारियों का खतरा

गाउट (Gout)

जब बॉडी में यूरिक एसिड अधिकहो जाता है तो यह जोड़ों के आसपास जमा होने लगता है। इससे जॉइंट्स में सूजन और दर्द होने लगता है। यूरिक एसिड पैरों के जॉइंट्स जैसे घुटने और पैरों की उंगलियों के जॉइंट्स को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है और वहां गाउट की बीमारी का कारण बनता है।

किडनी स्टोन्स (Kidney Stones)

यूरिक एसिड बढ़ जाने से किडनियों को भी नुकसान होता है और किडनी में पथरी या स्टोन्स बनने लगते हैं। यूरिक एसिड के क्रिस्ट्स यूरीन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ा सकते हैं।

डायबिटीज (Diabetes)

इंसुलिन बनने और इंसुलिन की सक्रियता से जुड़ी समस्याएं डायबिटीज की वजह से अधिक होती हैं। इससे डायबिटीज की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।

हार्ट डिजिजेज

हाई यूरिक एसिड शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को भी प्रभावित करता है।  यह हार्ट फंक्शनिंग से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकता है। नसों और आर्टरीज को इससे नुकसान पहुंच सकता है।

यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकने के उपाय क्या हैं?

हेल्दी लाइफस्टाइल, कसरत करने और अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीने से यूरिक एसिड की समस्या से राहत मिल सकती है। इसके अलावा स्मोकिंग की आदत छोड़ देने और मोटापे को कंट्रोल करने से भी यूरिक एसिड लेवल को मेंटेन करने में मदद होती है।

यूरिक एसिड को कम करने के घरेलू उपाय

पीएं नींबू पानी (Lemon water)

गर्मियों में नींबू पानी पीने से आपको दोहरे फायदे हो सकते हैं। यह गर्मियों में आपको हाइड्रेटेड रखता है और साथ ही यूरिक एसिड की समस्या को भी कम करता है। नींबू में पाया जाने वाला विटामिन सी अपनी एसिडिक प्रॉपर्टीज की मदद से यूरिक एसिड कम करता है।

अजवाइन का सेवन करें (Ajwain for uric acid)

यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए अजवाइन का सेवन लाभकारी है। रोजमर्रा के खाने में अजवाइन का तड़का लगाएं या सोने से पहले अजवाइन फांकें। आप खाली पेट अजवाइन का पानी भी पी सकते हैं।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।

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