पेट में गुड़गुड़ और पेट फूलने पर पिएं ये 4 मसालों वाला हर्बल ड्रिंक, मिलेगा आराम और पास होगी गैस

हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और पेट फूलने जैसी स्थति को रोकने के लिए हर्बल काढ़ा बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस हर्बल काढ़े से न सिर्फ हमारा पेट का स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर होती हैं। आइए जानते हैं पेट फूलने से बचने के लिए पिएं जाने वाले हर्बल काढ़े के बारे में।

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Written By: Jitendra Gupta | Updated : November 26, 2020 11:31 AM IST

खाना अगर स्वादिष्ट बना हो तो जरूरत से ज्यादा खा लेना, जल्दबाजी में अधपका भोजन करन, अधिक शुगर वाले फूड्स का सेवन और शुगर वाले पेय पदार्थ आपको कुछ देर का मजा दिला सकते हैं। इस तरह के भोजन आपके मन को जरूर भा सकते हैं लेकिन सेवन के बाद शरीर को जो हानि पहुंचती है उसका शायद आपको अंदाजा भी नहीं होगा। पेट में ऐंठन, दर्द, ऊर्जा की कमी और जरूरत से ज्यादा खाने से होने वाली मिचली की भावना अक्सर आपको बाद में दोषी और असहज महसूस कर सकती है। वो तो खुशी की बात ये है कि दादी-नानी के नुस्खे के कुछ नुस्खे आज भी कामयाब हैं और हमारे आस-पास मौजूद प्रभावी जड़ी बूटियां कुछ स्थितियों में होने वाले पेट दर्द से तुरंत राहत प्रदान कर सकती हैं, जिसके कारण आपका फूला हुआ पेट अंदर हो सकता है और मिचली की भावना से राहत दिला सकता है।

हमारे पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और पेट फूलने जैसी स्थति को रोकने के लिए हर्बल काढ़ा बेहद फायदेमंद माना जाता है। इस हर्बल काढ़े से न सिर्फ हमारा पेट का स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि पेट से जुड़ी कई बीमारियां भी दूर होती हैं। आइए जानते हैं पेट फूलने से बचने के लिए पिएं जाने वाले हर्बल काढ़े के बारे में।

हर्बल काढ़ा

ये हर्बल काढ़ा कई जड़ी-बूटियों और मसालों का मिश्रण है, जो स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देता है और शारीरिक गतिविधियों में सुधार के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर हमें संक्रमण से दूर रखने में मदद करता है। कब्ज और पेट में किसी भी प्रकार की दिक्कत से छुटकारा पाने के लिए आप घर पर सिर्फ इन चार चीजों, हरी इलायची, अदरक, जीरा और सौंफ का उपयोग करके काढ़ा बना सकते हैं।

हर्बल काढ़े के स्वास्थ्य लाभ

1. प्रकृति में वातहर (Carminative) और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर इलायची पाचन को तेज करने में मदद करती है, एसिडिटी से राहत देती है, पेट की परत में सूजन को कम करती है, सीने में होने वाली जलन और मतली से लड़ती है।

2. अदरक पाचन अग्नि (digestive fire) को बढ़ाकर काम करती है, जो भोजन को सही तरीके से तोड़ने और खाने के साथ पाचन में मदद करती है। इसके अलावा, अदरक आंत को भी बचाती है और ठीक करती है, जिससे ऐंठन और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। वहीं जीरा लिवर से पित्त (पाचन एंजाइम) को रिलीज करने में बढ़ाकर सामान्य पाचन को बेहतर बनाता है।

3. उच्च फाइबर से समृद्ध होने के कारण जीरा जठरांत्र संबंधी मार्ग को दुरुस्त करता है और एंजाइम स्राव को उत्तेजित कर ऐंठन का इलाज करता है।

4. सौंफ के बीज भी अपने इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पाचन के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। सौंफ के बीजों का सेवन करने से पेट की मांसपेशियां सुचारू रूप से काम करती हैं, गैस कम होती है, पेट फूलने के साथ अपच की समस्या दूर होती है।

क्योंकि इस काढ़े में जड़ी-बूटियों और मसालों का मिश्रण होता है, इसलिए इस काढ़े को सीमित मात्रा में पीना सुनिश्चित करें।

धनिए के बीजों का मिश्रण

अगर आप लगातार पेट फूलने की समस्या से परेशान हैं तो एक चम्मच धनिया के बीज को पांच मिनट के लिए पानी में उबालें और नियमित रूप से इस काढ़े को पिएं। धनिए के बीज के मूत्रवर्धक गुण हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं और शरीर में वॉटर रिटेंशन को भी कम करते हैं। यहां तक कि खूब पानी पीना और खाने के बाद टहलना भी पाचन समस्याओं को दूर रखने में मदद करता है।

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