
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 1, 2022 5:20 PM IST
गर्मियों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है और धीरे-धीरे धूप इतनी प्रचंड हो चुकी है, कि दोपहर के समय बाहर निकलना अपनी शामत को बुलावा देना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देश के उत्तरी राज्यों में खतरनाक गर्मी पड़ रही है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। दरअसल अप्रैल से जून के महीनों में गर्मी के साथ-साथ गर्म सूखी हवाएं चल रही हैं, जिन्हें लू (Loo) कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक इन गर्म हवाओं के संपर्क में रहता है, तो उसका चेहरा, सिर व शरीर के अन्य हिस्से इससे प्रभावित हो जाता हैं और इसी स्थिति को लू लगना कहा जाता है। लू लगना (Heat Waves) एक गंभीर स्थिति है और इसका समय पर इलाज न हो पाने के कारण कई बार व्यक्ति का कोई अंग काम करना बंद कर सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए इस बारे लू लगने पर विकसित होने वाले लक्षणों की पहचान करना बहुत जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अगर भारत के किसी सामान्य क्षेत्र में में तापमान 40, तटीय क्षेत्र में 37 और वही पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो वहां पर लू चलने की शुरुआत घोषित कर दी जाती है।
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से बाहर की गर्मी या धूप के संपर्क में रहा है और उसके शरीर का तापमान अत्यधिक (101 डिग्री फारेनहाइट या उससे ऊपर) बढ़ गया है, तो यह लू लगने का संकेत हो सकता है। शरीर का तापमान बढ़ने के साथ-साथ अगर व्यक्ति बार-बार पानी मांग रहा है, तो यह भी लू लगने का एक निश्चित संकेत हो सकता है। इसके अलावा लू लगने से कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं -
अगर किसी व्यक्ति को लू लग गई है, तो सबसे पहले उसे ठंडी वातावरण में लाएं जिसके लिए आप पंखे या एयर कूलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ठंडे पानी में कपड़े को डुबो कर उसे व्यक्ति के शरीर में पर लगाएं। इसके साथ ही डॉक्टर को फोन कर दें। अगर डॉक्टर नहीं आ सकता है, तो जल्द से जल्द किसी गाड़ी का इंतजाम करके उसे अस्पताल ले जाएं।