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weather health issues: तपती गर्मी का समय जा चुका है और अब मौसम ने धीरे-धीरे ठंडी करवट लेना शुरू कर दिया है। कूलर और एसी साइड में लग चुके हैं और लोग रात को पंखा तो चलाते हैं, लेकिन साथ में कपड़ा भी ओढ़ के सोते हैं। अच्छी खबर के साथ-साथ बुरी खबर ये है कि जब अचानक में मौसम में बदलाव होता है, तो कई लोग बीमार पड़ जाते हैं। अक्टूबर के महीने कुछ लोगों को पहले हल्की-हल्की गले में खराश महसूस होती है और फिर खांसी, सर्दी व जुकाम जैसे लक्षण होने लगते हैं। ये बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनमें दवाएं लेने की आवश्यकता नहीं होती है और घर के देसी नुस्खों से ही इसे ठीक कर दिया जाता है। इस लेख में हम आपको ऐसे एक दादी मां के नुस्खे के बारे में बताने वाले हैं, जिस से बदलते मौसम में होने वाली खराश,जुकाम व खांसी की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। चलिए जानते हैं इस खास घरेलू काढ़े के फायदे और बनाने का तरीका
घर पर बनाए जाने वाले जिस घरेलू काढ़े के बारे में हम आपको बताने वाले हैं, वह पूरी तरह से आयुर्वेदिक है और इसलिए इससे किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता है। चलिए जानते हैं बदलते मौसम में यह काढ़ा लेने से क्या फायदा मिलता है -
अक्सर हम बदलते मौसम के साथ अपने खानपान में बदलाव नहीं कर पाते हैं। उदाहरण के तौर पर हम गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं, लेकिन अक्टूबर के महीने में आते-आते भी यह आदत छोड़ नहीं पाते हैं और इस कारण से हमारा गला खराब हो जाता है। ऐसे में यह काढ़ा काफी मदद कर सकता है
सर्दी और जुकाम जैसे लक्षणों से निपटने के लिए भी यह काढ़ा काफी फायदेमंद है। इस काढ़े की मदद से छाती में जमी बलगम भी निकलने लगती है, जिससे धीरे-धीरे सर्दी, खांसी और जुकाम के लक्षण ठीक हो जाते हैं। साथ ही साथ यह काढ़ा गले व साइनस की अंदरूनी सूजन व लालिमा को ठीक करता है।
बदलते मौसम में कई प्रकार के संक्रमण और एलर्जी आदि होने का खतरा बढ़ जाता है, जिनसे बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना जरूरी है। इसलिए अगर बदलते मौसम में आपको भी संक्रमण व एलर्जी आदि होने का खतरा है, तो आपको यह काढ़ा नियमित रूप से बनाकर पीना चाहिए।
यह सौ प्रतिशत आयुर्वेदिक नुस्खा है और इसलिए इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। यह काढ़ा बनाने के लिए निम्न चीजों की आवश्यकता पड़ सकती है -
यह काढ़ा जितना शक्तिशाली है, उस से कई ज्यादा इसे बनाना आसान है। आपको एक बर्तन में 2 कप पानी डालना है और उसे आंच पर रख देना है। जब पानी अच्छा गर्म हो जाए तो उसमें एक-एक करके उपरोक्त दी गई चीजें मिला लें। उबाल आना शुरू होने के बाद उसे ढक दें और आंच को धीमा कर दें। धीमी आंच पर उसे कम से कम 20 मिनट पकने दें और तब तक एक ही कप पानी रह जाएगा। अब इसे आंच से उतारकर छान लें और बर्तन में डाल लें। गरमा-गरम चुस्की के साथ इस काढ़े का सेवन करें।