
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : November 4, 2022 12:43 PM IST
आजकल ज्यादातर लोग दवाओं के सहारे जी रहे हैं, किसी को ब्लड प्रेशर तो किसी को डायबिटीज है। वहीं किसी की किडनी खराब है तो लिवर ठीक से काम नहीं कर पा रहा गहै। दरअसल, ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हमारी खराब जीवनशैली से जुड़ी होती हैं। काम के बढ़ते दबाव के कारण हम अपने स्वास्थ्य को ध्यान नहीं रख पाते हैं और इस कारण से नई-नई बीमारियां शरीर के अंदर जन्म लेने लगती हैं। खासतौर पर डायबिटीज या ब्लड प्रेशर जैसी क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित लोगों को ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे अपनी बीमारी के लक्षणों को भी मैनेज नहीं कर पाते हैं।
लेकिन हमारे किचन में मौजूद कुछ चीजों का अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इन क्रोनिक बीमारिोयं को भी कंट्रोल किया जा सकता है। इस लेख में हम अलसी बीजों से बनएं एक स्पेशल काढ़े की बात करने वाले हैं। (alsi ka kadha kaise banaen)
डायबिटीज के मरीज अलसी के बीजों का सेवन नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उनकी पाचन प्रणाली कमजोर होती है। लेकिन इसका काढ़ा बनाकर पीने से उन्हें बढ़ते ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है। डायबिटीज के मरीज अगर सुबह खाली पेट अलसी का काढ़ा पीते हैं, तो उन्हें अपना पोस्ट मील ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
लगातार बढ़ रहे ब्लड प्रेशर कम करने के लिए अलसी का काढ़ा पीया जा सकता है। सुबह उठने के बाद आधा घंटा तक खाली पेट रहें और फिर उसके बाद आधा कप अलसी का काढ़ा पीएं। हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए अलसी के बीजों से ज्यादा उसका काढ़ा पीना ज्यादा फायदेमंद माना गया है।
आजकल बहुत से लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगी हैं। किसी को खाना पचाने में दिक्कत आती है, तो किसी को खाना खाने के बाद पेट में दर्द, गेस बनना व अन्य समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में खाली पेट आधा कप अलसी का काढ़ा पीने से उनकी पाचन प्रणाली को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है।
अलसी के बीजों से काढ़ा बनाने का तरीका बेहद आसान है। इसका काढ़ा बनाने के लिए आपको निम्न चीजों की आवश्यकता पड़ेगी -
अलसी का काढ़ा सुबह के समय पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, इसे आप दिन में किसी भी समय पी सकते हैं। साथ में यह भी ध्यान रखें कि अगर आप पहली बार इस काढ़े का सेवन करने जा रहे हैं, तो आपको आधा कप से ज्यादा इसका सेवन नहीं करना चाहिए।