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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 26, 2020 12:17 PM IST
डायबिटीज से लेकर कई गंभीर बीमारियों के लिए अचूक दवा है गिलोय, जानें इसके कई फायदे
Giloy Significance In Ayurveda: गिलोय का आयुर्वेद में बहुत (Giloy Significance In Ayurveda) महत्व है। यह एक ऐसी औषधि है, जिससे गंभीर से गंभीर बीमारी को ठीक किया जा सकता है। गिलोय के अनगिनत फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। सामान्य बुखार से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के लिए ये बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।
गिलोय के कई अनगिनत फायदे (Benefits Of Giloy) हैं। इसस पाचन दुरुस्त (Giloy For Digestion) होता है। पीलिया के रोगियों के लिए भी गिलोय कारगर माना जाता है। इसके अलावा बोन फ्रेक्चर, डायरिया और कैंसर जैसे रोगों के लिए भी गिलोय रामबाण है। प्राचीन काल में आयुर्वेद के गिलोय के माध्यम से कई बीमारियों का इलाज करता था। आयुर्वेद में गिलोय के जूस (Giloy Juice) का सेवन करने के लिए कहा गया है, इससे ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा गिलोय के कई अन्य फायदे हैं।
गिलोय का जूस डायबिटीज के रोगियों के लिए रामबाण माना जाता है। इससे काफी हद तक डाटबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। हालांकि गिलोय का लंबे समय तक सेवन नहीं करना चाहिए। लाभ के साथ-साथ इसके कुछ दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। इसलिए जब भी गिलोय के जूस का सेवन करें, तो एक बार डॉक्टर्स से संपर्क जरूर कर लें।
गिलोय का सेवन करने वाले लोगों में बुखार आने की समस्या का खतरा कई गुना तक कम हो सकता है. इसके लिए गिलोय की पत्तियों को पीसकर इसकी छोटी-छोटी गोली बना लें और मरीज को सुबह-शाम इसे खाने के लिए दें.
गिलोय (Giloy) शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
अगर आपके पैरों में जलन होती है और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। प्रतिदिन 2 से 3 बार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है।
गिलोय का सेवन पीलिया रोग में भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है। या गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। एक चम्मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है।
गिलोय (Giloy) के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते है। इसके साथ ही आप गिलोय (Giloy) और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर पकाएं। जब उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीयें।
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