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Written By: Anshumala | Updated : July 24, 2020 5:58 PM IST
कोराना से लड़ने में मदद करेगा गिलोय का काढ़ा, जानें इस काढ़े को बनाने का तरीका। © Shutterstock.
Giloy ka kadha ke fayde: कोरोनावायरस (Coronavirus prevention) से बचने के लिए आज लोग आयुर्वेद का सहारा ले रहे हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे इलाज मौजूद हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। काढ़ा, घरेलू उपचार, जड़ी-बूटियों के सेवन से इम्यूनिटी मजबूत रहती है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती, इससे बचाव करने के लिए आयुर्वेद ही बेहतर तरीका है। आयुर्वेदिक इलाज के कोई साइड एफेक्ट्स भी नहीं होते हैं। अधिकतर लोग इन दिनों गिलोय का सेवन भी कर रहे हैं, क्योंकि मानसून सीजन में डेंगू का खतरा भी बढ़ जाता है और गिलोय इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। सीजनल बीमारियों जैसे बुखार, सर्जी-खांसी आदि से बचे रहने के लिए भी आप गिलोय का सेवन (Giloy ka kadha ke fayde) कर सकते हैं। गिलोय एक ऐसी औषधि है, जो वायरल और बैक्टीरियल बीमारियों को दूर रखता है। कोरोना से बचाव के लिए आप गिलोय का काढ़ा (Giloy ka kadha in hindi) पी सकते हैं। इससे इम्यूनिटी भी मजबूत होगी। जानें, गिलोय का काढ़ा बनाने की रेसिपी-
गिलोय का तना- छोटे टुकड़ों में कटा हुआ
नीम की पत्तियों का डंठल- 5-7
तुलसी की पत्तियां- 8-10
गुड़- 20 ग्राम
गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए गियोल (Giloy in hindi) का तना लें। उसे अच्छी तरह से कुचल लें। अब एक बर्तन में रखें। इसमें नीम और तुलसी की पत्तियों और गुड़ को भी डाल दें। अब इसमें 3-4 कप पानी डालकर मीडियम आंच पर उबलने दें। इसे तब तक खौलने दें, जब तक यह पानी आधा ना हो जाए। अब इसे छान लें। गर्म नहीं बल्कि गुनगुना इसका सेवन करें। गिलोय का काढ़ा नॉर्मल या सीजनल बुखार में दो दिनो तक पीने से लाभ होता है।
कोरोनावायरस से संक्रमित होने वालों में बुजुर्गों और किसी रोग से पीड़ित लोगों की संख्या अधिक है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे लोगों में मरने की संख्या भी अधिक है। गिलोय का काढ़ा पीने से आप रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना सकते हैं। इस तरह आप कोरोना से जल्दी संक्रमित होने से बचे रहेंगे। गिलोय का काढ़ा कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि या प्रमाणिकता नहीं है कि गिलोय का काढ़ा कोरोना के मरीज को लाभ पहुंचाती है या नहीं।
आयुर्वेद के अनुसार, गिलोय का काढ़ा ( Giloy kadha benefits in hindi) बहुत अधिक नहीं पीना चाहिए। इसकी तासीर गर्म होती है। गर्मी के दिनों में आधा कप या उससे भी कम लेना चाहिए। बुखार में इस काढ़े को पीने से बुखार दो दिन में ठीक हो सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है गिलोय का काढ़ा। ऐसे में किसी भी तरह के वायरल इंफेक्शन (Viral infection) से बचने के लिए इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन अधिक नहीं। आप चाहें, तो किसी एक्सपर्ट की सलाह पर भी इसका सेवन कर सकते हैं।
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