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Written By: Pallavi | Updated : February 12, 2023 5:11 PM IST
पेट में दर्द किसी भी कारण से हो सकता है। लेकिन, जरूरी ये है कि आप इस दौरान जो भी खाएं, वो आपके हाजमा के अनुसार सही हो। दरअसल, पेट दर्द हमें गाढ़ा खाना यानी कि उन चीजों को खाने से बचना चाहिए जो कि जल्दी नहीं पचते। साथ ही दूध और लस्सी जैसी चीजों भी कई बार गैस और बदहजमी का कारण बन सकती है। साथ ही मोटे अनाज जो कि फाइबर और रफेज से भरपूर होते हैं, वो भी पेट में दर्द का कारण बन सकते हैं। तो, ऐसे में आपको उन फूड्स का सेवन करना चाहिए जो कि पेट दर्द में आपके लिए फायदेमंद हो।
सेब में पॉलीफेनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। पॉलीफेनोल्स आईबीडी से जुड़ी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे पेट के दर्द और सूजन को नियंत्रित किया जा सकता है जो कि आपको इन तमाम समस्याओं से निजात दिला सकता है। दरअसल, ये आंतों के माइक्रोबायोम में सुधार करते हैं और गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। तो, पेट दर्द में आप सेब को पीस लें और इसे खाएं।
मूंग दाल की खिचड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद है। दरअसल, ये खिचड़ी आपके पेट को आराम देने के साथ हाजमा को सही करने में भी मददगार है। इसके लिए मूंग को पका लें और इसमें नमक मिला लें। अब इस दाल को पी लें। इस दाल के साथ आप चावल पका कर भी खा सकते हैं। इसको अच्छी तरह से पका लें और मिला कर रख लें और फिर इसे खाएं।
केले पोटेशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स को फिर से भरने में मदद कर सकते हैं जो एक व्यक्ति उल्टी या दस्त के दौरान खो सकता है। केला, पेट खराब होने पर कारगर हो सकता है। केले को आप पीस लें और इसमें नमक मिला लें। अब इसका सेवन करें। ये पेट खराब होने से बचाने में मदद कर सकते हैं। ध्यान रखें कि खाली पेट इसका सेवन ना करें।
अदरक का सेवन कई समस्याओं में कारगर है। अदरक को काटकर या कद्दूकस करके और गर्म पानी डालकर अदरक की चाय बना सकता है। इस मिश्रण को पीने से पेट की खराबी को दूर करने में मदद मिल सकती है। अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो आईबीडी को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस अध्ययन की मानें तो, अल्सरेटिव कोलाइटिस में अदरक आईबीडी की समस्या को दूर कर सकता है।
प्रोबायोटिक फूड्स पाचन तंत्र को बढ़ावा देने वाले होते हैं। ये गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने और हाजमा बढ़ाने में मददगार है। ये उल्टी और दस्त के साथ पेट की कई समस्याओं को दूर कर सकता है। हालांकि, आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और इसके लिए दवा लेना चाहिए। साथ ही आप उनसे पूछ कर डाइट में कुछ खास फूड्स खा सकते हैं।