
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 1, 2026 4:02 PM IST
Medically Verified By: Dr. Kamalesh A
Teeth clean
Fact Check : हम में से कई लोग घरेलू नुस्खों पर विश्वास करते हैं, इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि घरेलू नुस्खों से कुछ हद तक समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी नुस्खा आपकी समस्याओं को जड़ से खत्म नहीं कर सकता है। कई तरह के घरेलू नुस्खों को लेकर सोशल मीडिया अलग-अलग तरह के दावे किए जाते हैं। इसमें दांतों को चमकाने वाले कुछ नुस्खे भी हैं। इंस्टाग्राम पर rekhajaiswal915 नाम की एड आई से एक वीडियो पोस्ट किया गया है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि सरसों के तेल, नमक और लौंग के पाउडर का मिश्रण दांतों का पीलापन दूर कर सकता है और उन्हें मोती जैसा सफेद बना सकता है। लेकिन क्या यह दावा वैज्ञानिक रूप से सही है? आइए हैदराबाद स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. कमलेश ए से से समझते हैं इस बारे में-
इस वीडियो में एक महिला से दूसरी महिला पूछ रही है कि मेरे दांत पीले हो रहे हैं, तो सामने वाली महिला का जवाब आता है कि सरसों के तेल में थोड़ा सा नमक और लौंग का पाउडर मिक्स करके अपने दांतों पर घीसो, इससे दांतों का पीलापन कम हो जाएगा। क्या इस बात में सच्चाई है?
इंस्टाग्राम के इस पोस्ट में डॉक्टर उपासना वोहरा को कोट किया गया है, जिसमें लिखा है सरसों का तेल, नमक और लौंग का मिश्रण दांतों के दाग कम करने, बैक्टीरिया से लड़ने और ओरल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अच्छे रिजल्ट के लिए इसका इस्तेमाल सप्ताह में 2–3 बार और हल्के हाथों से करें। इस बात की जानकारी के लिए हमने डॉक्टर से बातचीत की है। आइए जानते हैं विस्तार से-
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डॉ. कमलेश ए का कहना है कि यह दावा वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह से प्रमाणित नहीं है। हालांकि, सरसों का तेल, नमक और लौंग के पाउडर में हल्के एंटीबैक्टीरियल और सूजन-रोधी गुण होते हैं, लेकिन ऐसा कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि यह मिश्रण दांतों का पीलापन प्रभावी रूप से कम कर सकता है।
Image Credit : ChatGPT
उनका कहना है कि नमक के टेक्चर की वजह से दांंतों में घर्षण होता है, जो दांतों की सतह पर मौजूद कुछ दागों को अस्थाई रूप से हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका बार-बार या ज्यादा इस्तेमाल दांतों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है और संवेदनशीलता बढ़ा सकता है।
इसके साथ ही डॉक्टर का कहना है कि लौंग में दर्द निवारक गुण होते हैं, जो दांत दर्द में राहत देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यह दांतों को सफेद नहीं बनाती।
वहीं, सरसों के तेल के एंटीबैक्टीरियल गुण मसूड़ों की सेहत को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन यह दांतों के प्राकृतिक रंग को नहीं बदलता। दांतों को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से सफेद करने के लिए प्रोफेशनल व्हाइटनिंग ट्रीटमेंट या डॉक्टर की निगरानी में इस्तेमाल किए जाने वाले व्हाइटनिंग किट बेहतर विकल्प हैं।
Disclaimer : इस तरह के घरेलू नुस्खों का बार-बार उपयोग मसूड़ों में जलन पैदा कर सकता है और दांतों के एनामेल को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आपके दांत पीले दिखाई दे रहे हैं, तो इसकी वजह सतही दाग, एनामेल का पतला होना, कुछ दवाओं का असर या अन्य कारण हो सकते हैं। सही कारण जानने और उचित इलाज के लिए दंत चिकित्सक से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प है।