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कद्दू, तिल, अलसी और सौंफ के बीजों को एक साथ खाने से कंट्रोल रहता है डायबिटीज, जानिए अन्य फायदे

ऐसे लोग जिन्‍हें डायबिटीज, पीसीओएस, कोलेस्‍ट्रॉल, थायराइड और अधिक मीठा खाने की शिकायत है के लिए मुखवास एक रामबाण उपाय है।

Written by Atul Modi |Updated : October 4, 2022 8:01 AM IST

हम मुखवास क्‍या है और कैसे बनता है पर बाद में आएंगे। पहले जान लेते हैं कि इसे लेने का सही समय क्‍या है। दिन में तीन बार खाना खाने के बाद एक चम्‍मच मुखवास लेना सही रहता है। इसे मिड डे स्‍नैक की तरह दिन में 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच भी लिया जा सकता है, मात्रा होगी 3 चम्‍मच। वहीं जब भी मीठा खाने का मन करे एक चम्‍मच मुखवास ले लीजिए।

कद्दू, तिल, अलसी और सौंफ के बीजों से बने मुखवास के फायदे

चलिए आपको कद्दू, तिल, अलसी और सौंफ के बीजों से बने मुखवास के फायदे बता देते हैं, पहला यह कि शरीर में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित रखने में मददगार है। मीठा खाने की इच्‍छा को दबाकर रखता है। आपको पेट भरा लगता है। शरीर में हेल्‍दी कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा को बरकरार रखता है। यह ब्‍लड प्रेशर को सामान्‍य बनाने में सहायक व हाई व लो बीपी वाले दोनों तरह के लोगों को लाभ पहुंचाता है। महिलाओं के लिए तो यह सहेली की तरह है जो हार्मोंस को संतुलित करने व नियमित माहवारी में सहायक है। पौष्‍ट‍िक होने के साथ-साथ बालों व त्‍वचा के लिए भी अच्‍छा है।

मुखवास में आयरन, मैग्‍नीशियम, फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम, विटामिन बी6, जिंक और एंटी ऑक्‍सीडेंट होता है। अब तक तो आप इसके फायदे व कब इसे लेना चाहिए समझ ही गए होंगे। तो अब हम आपको इसकी रेसिपी भी बता ही देते हैं। चलिए शुरू करते हैं,

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सामग्री: एक कटोरी कद्दू के बीज, एक कटोरी सौंफ, 1 कटोरी अलसी, आधा चम्‍मच सेंधा नमक।

इन बीजों को बनाने का तरीका और फायदे

बीजों को भून लें, अलसी के बीच भूनते समय नमक मिला लें, और सभी बीजों को सूखा भूनने के बाद अच्‍छी तरह से मिला लें और आपका मुखवास तैयार है। कितना आसान है, टेस्‍टी व हेल्‍दी भी। तो आजमाइए और जिन लोगों को हार्मोंस, डायबिटीज, थायराइड, हाई ट्राईग्लिसराइड और कोलेस्‍ट्रॉल, बाल झड़ने, अनियमित माहवारी और विटामिन की कमी की शिकायत है को भी बताएं।

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