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Remedies for Fatty Liver Diseases relief: फैटी लिवर डिजिज (Fatty liver disease) लिवर में सूजन से जुड़ी हुई एक स्थिति है जो लिवर में बहुत अधिक फैट जमा हो जाने के कारण होती है। फैट डिपॉजिट्स के कारण लिवर में सूजन बढ़ने लगती है और लिवर का आकार बढ़ने लगता है। फैटी लिवर डिजिज का एक बड़ा कारण अल्कोहल का सेवन है वहीं, सुस्त रहने और एक्सरसाइज ना करने की वजह से भी फैटी लिवर बढ़ने लगता है। इसकी वजह से पेट बढ़ने लगता है स्वास्थ्य में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। हालांकि, ज्यादातर मामलों में लोगों को फैटी लिवर डिजिज के लक्षण नहीं दिखायी देते। वहीं, फैटी लिवर डिजिज की वजह से पीड़ित व्यक्ति को बहुत अधिक थकान महसूस हो सकती है, पेट में दर्द बढ़ सकता है और अचानक से वजन भी कम हो सकता है। बता दें कि फैटी लिवर का इलाज ना कराने या लापरवाही करने से डायबिटीज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का रिस्क बढ़ सकता है। (risk associated with fatty live disease in Hindi)
शिकागो, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय ( University of Illinois Chicago) के शोधकर्ताओं के मुताबिक नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज में एक्सरसाइज के साथ-साथ उपवास करने से फायदा हो सकता है। इस स्टडी के लिए 80 से अधिक लोगों का विश्लेषण किया गया और समझने की कोशिश की गयी कि न्यूट्रिशन के अलावा अन्य किन तरीकों से नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजिज से आराम मिल सकता है। रिसर्च के अनुसार, जो लोग सप्ताह में 5 दिन एक्सरसाइज करते हैं और हर दूसरे दिन फास्टिंग या व्रत करते हैं उनमें फैटी लिवर डिजिज के लक्षणोंमें तेजी से कमी आते देखी गयी। जबकि केवल डाइट या एक्सरसाइज करने वाले लोगों में इतने अच्छे परिणाम देखने को नहीं मिले। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक दिन के गैप के बाद व्रत करने और एयरोबिक्स जैसी एक्सरसाइज करने से फैटी लिवर डिजिज से आराम मिल सकता है।
इसी तरह हार्वर्ड की अन्य स्टडी के अनुसार, प्लांट बेस्ड डाइट जिसमें सब्जियों और फलों की मात्रा अधिक हो उनका सेवन करने से भी फैटी लिवर डिजिज से आराम मिल सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसा करने से मरीजों में फैटी लिवर डिजिज का रिस्क (risk of fatty liver disease) 50% फीसदी तक कम हो सकता है। इस स्टडी के अनुसार, ग्रीन मेडिटेरियन डाइट ( green Mediterranean diet) जिसमें रोजाना ग्रीन टी पीने और अन्य प्लांट बेस्ड फूड्स (Plant based foods) का समावेश होता है, वैसी डाइट फॉलो करने से लिवर में जमा फैट तेजी से कम होता है।
फैटी लिवर डिजिज को कम करने का एक अच्छा तरीका यह भी है कि, उन स्थितियों से बचा जाए जो फैटी लिवर डिजिज का रिस्क बढ़ाती हैं। बता दें कि, मोटापा या अधिक वजन, नींद की कमी, ट्राईग्लिसराइ़ड्स की अधिक मात्रा, डायबिटीज और थायरॉयड से जुड़ी स्थितियों के कारण फैटी लिवर डिजिज का रिस्क बढ़ता है। इसीलिए, इन स्थितियों से बचने और दवा की मदद से उन्हें मैनेज करने से आराम मिल सकता है।