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Written By: Jitendra Gupta | Published : November 11, 2020 5:26 PM IST
दीवाली पर पटाखे जलाते वक्त सैनिटाइजर और इन चीजों से बनाएं दूरी, जलने पर करें डॉक्टर के ये उपाय
दीवाली को रोशनी का त्यौहार कहा जाता है और रोशनी से हर घर जगमगाता है। दीवाली पर रोशनी हर घर की शोभा बढ़ाती है, लेकिन ऐसे में अक्सर जलने की दुर्घटना की खबरें किसी को भी बहुत विचलिच कर सकती हैं। साथ ही अभी के कोविड संक्रमण और उसके बाद हुए लॉकडाउन के बाद से इन त्यौहारों का विशेष स्थान है, जिनमें लोगों को दोबारा उत्सव के रूप में खुशियां मनाने का मौका मिला है। इसलिए संक्रमण संबंधी सभी सावधानियां अपनाते हुए अपने और अपने परिवार की हर तरह से सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
यूं तो सरकार और सभी पर्यावरणविद् लोगों से पटाखे न जलाने और बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करने को कह रहे हैं। लेकिन फिर भी खुद को रोक पाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में अगर किसी के साथ जलने से संबंधित दुर्घटना हो जाए तो क्या-क्या उपाय किये जा सकते हैं और क्या क्या सावधानियां अपनाई जा सकतीं हैं बता रहे हैं डॉक्टर विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट।
सबसे पहले तो अभी के कोविड संक्रमण के दौर में हाथों को बार बार सैनिटाइज करने की आवश्यकता पड़ सकती है ऐसे में उन्हीं हाथों से दिया जलाना, पूजा आदि के समय अगरबत्ती जलाना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि एल्कोहोल बेस्ड सैनीटाइजर आग पकड़ सकते हैं। इसलिए लिक्विड सोप या साबुन का विकल्प भी सही हो सकता है।
जलने पर उसपर कोई कपड़े आदि डालने के बजाय लगातार पानी डालें, इससे त्वचा को आराम भी मिलता है और यदि जलन हल्की हो तो तुरंत उसपर बर्फ आदि लगायें, और जले हुए स्थान को खुला छोड़ें, और डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ऑइंटमेंट लगाएं, चंद दिनों में घाव सही हो जाएगा।
अगर जलन गहरी है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि जलने की गंभीरता का इससे पता लगाया जाता है कि जले घाव ने त्वचा की अलग अलग परतों तक कितना नुक्सान पहुंचाया है। और डॉक्टर ही इसका बेहतर समाधान कर सकते हैं।
जले स्थान पर यदि छाला पड़ जाए तो उसे फोड़ें नहीं, यह समय के साथ सूख जाता है। इसे फोड़ें नहीं बल्कि यदि दुर्घटनावश फूट भी जाए तो डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि ऐसे ज़ख्म के पकने का जोखिम होता है।
कोशिश करें कॉटन आदि के कपड़े पहनें। क्योंकि पॉलिस्टर व अन्य कृत्रिम फैब्रिक के कपड़े जलने पर त्वचा से चिपक सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप त्वचा की अंदरूनी परतों में ज़ख्म हो सकते हैं और गंभीर मामलों में सर्जरी आदि की भी नौबत आ सकती है। बच्चों का इस मामले में विशेष ख्याल रखें।