
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 31, 2023 12:25 PM IST
Homemade antibiotics for infections: संक्रमण किसी भी प्रकार का हो इसका इलाज करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि कुछ प्रकार के संक्रमण बिना उचित दवाओं और पूरा कोर्स किए शरीर से जाते नहीं हैं। ऐसे में अगर लक्षण खत्म होने के बाद कोर्स को बीच में छोड़ दिया जाए तो संक्रमण फिर से बढ़ने लग जाता है। हालांकि, कुछ प्रकार के संक्रमण अपने आप भी ठीक हो जाते हैं और उन्हें किसी प्रकार की दवा की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, जिन लक्षणों का जड़ से इलाज करने के लिए दवाओं की जरूरत पड़ती है, उनका यदि समय रहते इलाज किया जाए तो घरेलू नुस्खों की मदद से भी इनका इलाज किया जा सकता है। खासतौर पर स्किन पर होने वाले संक्रमणों को यदि बढ़ने से उन पर ध्यान दिया जाए तो घरेलू नुस्खों से भी उन्हें ठीक किया जा सकता है। आज हम आपको ऐसे ही एक खास पेड़ के पत्ते के बारे में बताने वाले हैं, जो स्किन में इन्फेक्शन होने से रोकता है और यदि इन्फेक्शन बनने लगता है तो भी इसकी मदद से इसे कंट्रोल करने में काफी मदद मिल सकती है। चलिए जानते हैं एंटीबायोटिक गुणों वाले इस खास पेड़ के बारे में।
नीम के पेड़ का इस्तेमाल आयुर्वेद हजारों सालों से कई बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जा रहा है और आज भी आयुर्वेदिक चिकित्सक इस पेड़ को रोगों का इलाज करने के लिए बहुत महत्व देते हैं। स्किन से जुड़ी बीमारियों का इलाज करने के लिए आपने भी दादी मां के नुस्खे या फिर नानी मां के नुस्खे के रूप में नीम की छाल का इस्तेमाल करते देखा होगा।
वैसे तो नीम के पेड़ के किसी भी हिस्से का इस्तेमाल स्किन से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जा सकता है। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि नीम के पत्तों में न सिर्फ एंटीबायोटिक, बल्कि एंटी फंगल और एंटीवायरल गुण भी पाए जाते हैं। स्किन पर होने वाली बैक्टीरियल या फंगल प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए नीम के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यदि आप स्किन से जुड़ी किसी भी समस्या का इलाज करने के लिए नीम के पत्तों का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं, तो आपको तो चरणों में काम करना होगा।
पहला चरण - नीम के कुछ ताजे पत्ते लें और उन्हें मिट्टी के किसी बर्तन में डाल लें और थोड़ा पानी डालकर उन्हें उबाल लें। अब पानी को ठंडा होने के बाद उसकी मदद से जहां आपको इन्फेक्शन या अन्य स्किन प्रॉब्लम्स हो रही हैं, उसे धोएं। यह एक एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है और इससे स्थिति गंभीर नहीं हो पाती है।
दूसरा चरण - इसके बाद आपको थोड़े और नीम के पत्ते लेने हैं और उन्हें अच्छे से पीसकर पेस्ट तैयार कर लेना है। इस पेस्ट में आप थोड़ा एलोवेरा का रस भी मिला सकते हैं। स्किन के जिस हिस्से में भी आपको घाव, सूजन, लालिमा, खुजली या इन्फेक्शन है, तो उसपर इस पेस्ट को लगाएं। दिन में कम से कम 3 बार यह पेस्ट लगाएं और एक बार में कम से कम 30 मिनट के लिए लगाकर रखें।
हालांकि, इस दौरान किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह जरूरी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ प्रकार की स्किन प्रॉब्लम्स बाद में जाकर गंभीर हो सकती हैं और इसलिए शुरुआत में ही उन्हें दवाओं की मदद से कंट्रोल करना पड़ सकता है। इसलिए इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने के लिए डॉक्टर से अनुमति लेना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े।
डिस्क्लेमर: इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है और इसका इस्तेमाल किसी भी दवा या अन्य इलाज के विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। किसी भी नुस्खे का इस्तेमाल घर पर करने से पहले एक बार डॉक्टर से अनुमति लेने की सलाह दी जाती है।