
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 21, 2020 6:10 PM IST
खून की कमी को दूर करता है दही-हल्दी का मिश्रण, कुछ ही दिनों में दूर होगा एनीमिया
जब शरीर में खून की कमी हो जाती है तो इसे मेडिकल भाषा में एनीमिया कहते हैं। एनीमिया होने पर व्यक्ति का शरीर कई तरह के लक्षण देता है। शरीर में खून की कमी होने का सबसे मुख्य कारण आयरन की कमी होना है। हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन एक ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा बताता है। आमतौर पर महिलाओं में इसकी मात्रा 11 से 14 प्रतिशत और पुरुषों में इसकी मात्रा 12 से 16 प्रतिशत तक होनी चाहिए। आज इस लेख में हम आपको एनीमिया के लक्षण बताने के साथ ही इससे बचने के आसान और घरेलू उपचार बता रहे हैं।
1. लगातार थकान
2. सिकन का डल होना
3. बालों का तेजी से झड़ना
5. कमजोरी महसूस होना
6. दिल की धड़कनो का अचानक से तेज हो जाना
7. सांस लेने में कठिनाई
8. हर समय मूड स्विंग होना, आदि
एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए दही और हल्दी का मिश्रण बहुत फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि दिन में 2 बार एक कटोरी दही में एक चौथाई हल्दी डालकर सेवन किया जा सकता है। कफ-प्रकार के एनीमिया में यह बहुत ही लाभकारी साबित होता है। जिनको कफ प्रकार का एनीमिया होता है उन्हें सूजन की समस्या हो सकती है और स्किन ठंडी व चिपचिपी हो सकती है। ऐसे में दही और हल्दी का मिश्रण शरीर में कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। इस मिश्रण को सुबह और दोपहर में लिया जा सकता है।
जब कोई व्यक्ति एनीमिया की समस्या से ग्रस्त होता है तो उसे अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों को सेवन करना चाहिए। पालक, अजवाइन, सरसों का साग और ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियों में उच्च मात्रा में क्लोरोफिल होता है साथ ही ये आयरन के भी अच्छे स्रोत हैं। पाक का जब भी सेवन करें कोशिश करें कि वह अच्छी तरह से पका हो। दरअसल, पालक के कच्चे पत्तों में ऑक्सालिक एसिड होता है जो शरीर में आयरन के अवशोषण को रोक सकता है।
ताजे चुकंदर या अनार का रस खून बनाने और खून को साफ करने का काम करता है। चुकंदर में प्रचुर मात्रा में फोलिक एसिड पाया जाता है। इसे गाजर और पुदीने के साथ मिलाकर जूस पिया जा सकता है। दूसरी ओर, अनार आयरन, कॉपर और पोटेशियम जैसे खनिजों का सीधा स्त्रोत होता है। इन दोनों जूसों को यदि नियमित रूप से पीया जाए तो खून की कमी तो दूर होती ही है साथ एनर्जी का लेवल भी बढ़ता है।
आयुर्वेद में तांबे के पानी को बहुत स्वस्थ माना जाता है। रोजाना सुबह तांबे के बर्तन में रात भर का रखा हुआ पानी पीया जाए तो एनीमिया को सही होने में समय कम लगता है। साथ ही यह आपके शरीर को प्राकृतिक खनिजों के साथ फिर से भरने में मदद करता है और बालों के झड़ने के इलाज के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है।